बलीपट्टी रानीगांव में पहुंचा बाढ़ का पानी, सड़कें जलमग्न; अन्नपूर्णा भवन और आंगनबाड़ी केंद्र घिरे
अमृतपुर
गंगा नदी का जलस्तर गुरुवार सुबह 137.00 मीटर पर स्थिर रहा। यह खतरे के निशान से महज 10 सेंटीमीटर नीचे है, जबकि चेतावनी बिंदु से करीब 40 सेंटीमीटर ऊपर गंगा बह रही है। खतरे के निशान के बेहद करीब पहुंची गंगा को लेकर तटवर्ती गांवों में दहशत और चिंता का माहौल बना हुआ है।
गुरुवार सुबह नरौरा बांध से 1,15,137 क्यूसेक, बिजनौर बैराज से 83,664 क्यूसेक और हरिद्वार बैराज से 86,513 क्यूसेक पानी गंगा में छोड़ा गया। पिछले आंकड़ों की तुलना में डिस्चार्ज में कमी जरूर आई है, लेकिन गंगा का जलस्तर अभी भी ऊंचा बना हुआ है। ग्रामीण लगातार नदी के जलस्तर पर नजर रख रहे हैं।
गंगा के बढ़े जलस्तर का असर तटवर्ती गांवों में दिखाई देने लगा है। बलीपट्टी रानीगांव में बाढ़ का पानी पहुंच गया है। गांव की कई सड़कें जलमग्न हो गई हैं, जिससे ग्रामीणों के आवागमन में परेशानी हो रही है। गांव में स्थित अन्नपूर्णा भवन और आंगनबाड़ी केंद्र के चारों ओर भी बाढ़ का पानी भर गया है।
बाढ़ का पानी चारों ओर भरने के कारण सरकारी राशन को भी सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है। कोटेदार के पुत्र ने बताया कि उच्च अधिकारियों के निर्देश पर राशन को घर में शिफ्ट किया गया है, ताकि पानी और नमी से खाद्यान्न खराब न हो।
गंगा का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंचने से ग्रामीणों को अपने घरों, पशुओं और खेतों की चिंता सताने लगी है। कई स्थानों पर खेत और रास्ते जलमग्न हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जलस्तर में फिर बढ़ोतरी हुई तो हालात और गंभीर हो सकते हैं।
प्रशासन की ओर से भी जलस्तर और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों पर लगातार नजर रखी जा रही है। बैराजों से छोड़े जा रहे पानी और गंगा के जलस्तर में होने वाले बदलाव को देखते हुए आने वाले घंटों में स्थिति महत्वपूर्ण मानी जा रही है।


