नई दिल्ली: स्वतंत्रता दिवस (Independence Day) के मद्देनजर दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया है। संभावित आतंकी खतरे को देखते हुए पूरी दिल्ली में हाई अलर्ट घोषित किया गया है और संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी बढ़ा दी गई है। पुलिस ने रेलवे स्टेशनों, अंतरराज्यीय बस अड्डों, बाजारों, सार्वजनिक स्थलों और अन्य भीड़भाड़ वाले इलाकों में 19 मोस्ट वॉन्टेड आतंकियों (most-wanted terrorist) के पोस्टर लगाए हैं। इन पोस्टरों के माध्यम से आम लोगों से अपील की गई है कि यदि इन व्यक्तियों के बारे में कोई जानकारी मिले तो तत्काल नजदीकी पुलिसकर्मी, पुलिस स्टेशन या संबंधित सुरक्षा एजेंसी को सूचित करें।
पुलिस द्वारा जारी पोस्टरों में प्रतिबंधित आतंकी संगठनों से जुड़े कई वांछित आतंकियों के नाम शामिल हैं। इनमें वधावा सिंह बब्बर, पुरुषोत्तम सिंह पम्मा, हरविंदर सिंह संधू उर्फ रिंडा, गुरमीत सिंह बग्गा, भूपेंद्र सिंह भिंडा, रंजीत सिंह उर्फ नीता, अर्शदीप सिंह उर्फ अर्श डल्ला और परमजीत सिंह पम्मा समेत अन्य नाम शामिल बताए गए हैं। दिल्ली पुलिस ने इन पोस्टरों को रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों, बाजारों और अन्य प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर लगाया है। साथ ही नागरिकों से अपील की गई है कि यदि इन वांछित व्यक्तियों के बारे में कोई सूचना मिले तो तुरंत पुलिस या संबंधित सुरक्षा एजेंसियों को सूचित करें।
अधिकारियों के अनुसार, भीड़ में संदिग्ध और वांछित व्यक्तियों की पहचान के लिए दिल्ली पुलिस अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग करेगी। इसके तहत ‘अभिज्ञान’ ऐप और फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (FRS) की मदद से संदिग्ध गतिविधियों और वांछित व्यक्तियों पर नजर रखी जाएगी। यह तकनीक सुरक्षा एजेंसियों को भीड़भाड़ वाले इलाकों में त्वरित पहचान और निगरानी में सहायता प्रदान करेगी। खुफिया एजेंसियों से मिले इनपुट के बाद सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया है। पुलिस और सुरक्षा बलों को संवेदनशील स्थानों पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। समारोह की सुरक्षा के लिए दिल्ली पुलिस, अर्धसैनिक बलों, कमांडो इकाइयों और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के करीब 15,000 से 20,000 जवानों की तैनाती की तैयारी की गई है।
इसी कड़ी में पहली बार भीड़ में संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान और सत्यापन के लिए ‘अभिज्ञान’ ऐप का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, यह ऐप पुलिस को मौके पर ही किसी व्यक्ति की पहचान और उसके आपराधिक रिकॉर्ड की जांच करने में सक्षम बनाता है। ऐप में एक करोड़ से अधिक अपराधियों का डेटाबेस मौजूद है, जिससे सुरक्षा एजेंसियों को त्वरित सत्यापन में मदद मिलती है। पुलिसकर्मियों को विशेष हैंडहेल्ड उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं, जिनकी सहायता से वे रैंडम आधार पर चुने गए व्यक्तियों के फिंगरप्रिंट स्कैन कर सकते हैं। स्कैन किए गए फिंगरप्रिंट को कुछ ही सेकंड में केंद्रीय डेटाबेस से मिलाया जाता है।
सिस्टम में यदि लाल संकेत (रेड अलर्ट) दिखाई देता है, तो इसका अर्थ होता है कि संबंधित व्यक्ति का कोई आपराधिक रिकॉर्ड मौजूद है। ऐसी स्थिति में उसकी पहचान और रिकॉर्ड से जुड़ी जानकारी तुरंत स्क्रीन पर प्रदर्शित हो जाती है, जिससे पुलिस आगे की जांच कर सकती है। वहीं हरा संकेत (ग्रीन अलर्ट) मिलने का मतलब है कि डेटाबेस में उस व्यक्ति के खिलाफ कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला है। दिल्ली पुलिस का मानना है कि ‘अभिज्ञान’ ऐप और फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (FRS) जैसी तकनीकों के संयुक्त उपयोग से भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में संदिग्धों और वांछित अपराधियों की पहचान अधिक प्रभावी ढंग से की जा सकेगी।


