– कहा- युवाओं की समस्याएं वास्तविक, समाधान जरूरी
नई दिल्ली। पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सीजेपी आंदोलन और अपने इस्तीफे को लेकर पहली बार विस्तार से सार्वजनिक प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान जेंन जी के युवाओं को कुछ लोगों ने “मिस्लेड ” करने की कोशिश की, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि युवाओं की समस्याएं गलत हैं।
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि युवा पीढ़ी के सामने कई वास्तविक चुनौतियां हैं और सरकार तथा व्यवस्था की जिम्मेदारी है कि इन समस्याओं को समझकर उनका समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि युवाओं की आवाज को केवल आंदोलन या विरोध के रूप में देखने के बजाय उनकी चिंताओं पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
अपने इस्तीफे को लेकर धर्मेंद्र प्रधान ने बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि उन्होंने स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास जाकर पद छोड़ने की पेशकश की थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस्तीफे का फैसला परिस्थितियों और अपनी जिम्मेदारी को देखते हुए लिया गया था।
प्रधान ने कहा कि किसी भी संवेदनशील मुद्दे पर सरकार और जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों को जवाबदेही के साथ आगे बढ़ना चाहिए।
पूर्व शिक्षा मंत्री ने यह भी माना कि जेन जी की चिंताएं वास्तविक हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं के रोजगार, शिक्षा, अवसर और भविष्य से जुड़े सवालों को गंभीरता से लेना जरूरी है। आंदोलन के दौरान यदि किसी ने युवाओं को गलत जानकारी देकर प्रभावित करने की कोशिश की, तो वह अलग विषय है, लेकिन इससे युवाओं की मूल समस्याएं खत्म नहीं हो जातीं।
धर्मेंद्र प्रधान की इस प्रतिक्रिया को सीजेपी आंदोलन और उनके इस्तीफे पर अब तक की सबसे स्पष्ट सार्वजनिक टिप्पणियों में से एक माना जा रहा है।


