हंगामे के बीच जन्म-मृत्यु पंजीकरण संशोधन विधेयक लोकसभा से पारित
नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के दौरान शुक्रवार को राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मुद्दे को लेकर विपक्ष ने संसद परिसर में केंद्र सरकार के खिलाफ अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया। पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव पुजारी के वेश में दानपेटी लेकर संसद के मकर द्वार पर बैठ गए। इसके बाद कांग्रेस, समाजवादी पार्टी समेत विभिन्न विपक्षी दलों के सांसद एक-एक कर उनके पास पहुंचे और प्रतीकात्मक रूप से दानपेटी में चंदा डालकर अपना विरोध दर्ज कराया। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी दानपेटी में चंदा डालते हुए प्रदर्शन में भाग लिया। इस दौरान विपक्षी सांसदों ने “अमित शाह संसद से गायब क्यों” लिखे पोस्टर और बैनर भी लहराए तथा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
सुबह 11 बजे लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण समेत विभिन्न मुद्दों को लेकर जोरदार हंगामा किया। लगातार शोर-शराबे और नारेबाजी के कारण लोकसभा की कार्यवाही पहले दोपहर 12 बजे तक स्थगित करनी पड़ी, जबकि राज्यसभा की कार्यवाही 3 अगस्त तक के लिए स्थगित कर दी गई। बाद में लोकसभा की कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने जन्म-मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026 सदन में पेश किया, जिसे ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। सरकार का कहना है कि इस संशोधन से जन्म और मृत्यु पंजीकरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, डिजिटल और प्रभावी बनाया जाएगा।
इधर भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन और सदन की अवमानना का नोटिस सौंपा। नोटिस में आरोप लगाया गया कि राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ सदन में असंसदीय, अपमानजनक और बेबुनियाद टिप्पणियां कीं। यह विवाद उस वक्त शुरू हुआ जब राहुल गांधी ने पेपर लीक संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान गृह मंत्री पर गंभीर आरोप लगाए थे। उनके भाषण के कुछ हिस्सों को बाद में लोकसभा अध्यक्ष ने कार्यवाही से हटवा दिया था।
संसद के बाहर भी राजनीतिक बयानबाजी तेज रही। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि युवाओं की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों पर कार्रवाई की जा रही है, एफआईआर दर्ज की जा रही हैं और सोशल मीडिया अकाउंट तक बंद किए जा रहे हैं।
उधर संसद के मानसून सत्र में पिछले कुछ दिनों से लगातार पेपर लीक कानून, वंदे मातरम् संशोधन विधेयक, शिक्षा व्यवस्था और अन्य राजनीतिक मुद्दों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिल रही है। शुक्रवार को भी सदन के भीतर और संसद परिसर के बाहर विरोध-प्रदर्शन, हंगामे और आरोप-प्रत्यारोप के बीच राजनीतिक माहौल पूरी तरह गर्म रहा। अब आने वाले दिनों में सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने से जुड़े संशोधन विधेयक सहित कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा होने की संभावना है।


