शिक्षकों की सामाजिक सुरक्षा को मिलेगा नया कवच, सांसद मुकेश राजपूत बोले— विकसित भारत की नींव हैं शिक्षक
फर्रुखाबाद। प्रदेश सरकार ने शिक्षकों के स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए “मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना” का शुभारंभ किया। रविवार को फतेहगढ़ स्थित कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित कार्यक्रम में फर्रुखाबाद के सांसद मुकेश राजपूत ने पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के साथ हुए एमओयू कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान आगरा में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम का सजीव प्रसारण भी दिखाया गया, जिसमें मुख्यमंत्री के संबोधन का लाभ शिक्षकों ने लिया।
सांसद मुकेश राजपूत ने कहा कि देश को विकसित राष्ट्र बनाने में शिक्षकों की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षकों के कल्याण और उनकी सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना शिक्षकों और उनके आश्रितों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
उन्होंने कहा कि पंजाब नेशनल बैंक के साथ किया गया अनुबंध शिक्षकों को बैंकिंग सेवाओं के साथ-साथ सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ भी आसान तरीके से उपलब्ध कराएगा। सांसद ने अभिभावकों से भी अपील की कि वे बच्चों में गुरुजनों के प्रति सम्मान की भावना विकसित करें, क्योंकि शिक्षक ही राष्ट्र निर्माण की सबसे मजबूत कड़ी हैं।
जिला विद्यालय निरीक्षक संजीव कुमार ने योजना की जानकारी देते हुए बताया कि पात्र शिक्षकों को इस योजना के तहत ₹5 लाख तक की निशुल्क कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही पीएनबी के माध्यम से विभिन्न बैंकिंग सेवाओं और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ भी मिलेगा। उन्होंने शिक्षकों से समयबद्ध तरीके से सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान कई शिक्षकों को प्रतीकात्मक रूप से कैशलेस हेल्थ कार्ड वितरित किए गए। इनमें डॉ. विनीता वर्मा, डॉ. अजहर जुनैद, डॉ. राम नरेश सिंह, डॉ. सत्येंद्र कुमार, डॉ. विवेक सिंह, डॉ. रमन प्रकाश, डॉ. विजय कुमार, डॉ. आलोक बिहारी, डॉ. प्रशांत कुमार, डॉ. शिल्पी, डॉ. प्रज्ञा दीक्षित, डी. पारूल मिश्रा, डॉ. दीपचंद वर्मा, डॉ. अतुल प्रताप सिंह, डॉ. सुपर प्रधान, डॉ. अकालू प्रसाद, डॉ. विनायक पांडेय, डॉ. अभिषेक शुक्ला, डॉ. समीर गुप्ता, डॉ. नीरज कुमार, डॉ. अमीर जहां, डॉ. शाहीन खान, डॉ. अखिलेश कुमार और डॉ. अंजू पांडे शामिल रहे।
कार्यक्रम में प्रभारी जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार गौड़, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अरुण कुमार सिंह, नोडल अधिकारी उच्च शिक्षा डॉ. कल्पना, जिला विद्यालय निरीक्षक संजीव कुमार, पंजाब नेशनल बैंक के प्रतिनिधियों सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी, बड़ी संख्या में शिक्षक एवं शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।


