ढाका। बांग्लादेश की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। आधिकारिक तौर पर उनके इस्तीफे की वजह गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं बताई गई हैं, लेकिन उनका इस्तीफा ऐसे समय आया है जब पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की प्रस्तावित वापसी और उनसे जुड़े कथित फोन कॉल को लेकर देश में राजनीतिक विवाद चरम पर था।
स्थानीय मीडिया में यह दावा किया गया कि राष्ट्रपति शहाबुद्दीन ने लंदन में इलाज के दौरान भारत में रह रहीं शेख हसीना से फोन पर बातचीत की थी। इसी बातचीत के बाद शेख हसीना ने बांग्लादेश लौटने की योजना बनाई, जिससे ढाका के सत्ता गलियारों में हलचल तेज हो गई। हालांकि राष्ट्रपति ने इन फोन कॉल की खबरों को पूरी तरह निराधार और मनगढ़ंत बताते हुए खारिज किया था।
शेख हसीना की प्रस्तावित वापसी और राष्ट्रपति के उनके करीबी माने जाने के कारण राजनीतिक दबाव लगातार बढ़ रहा था। इसी बीच उनके इस्तीफे ने बांग्लादेश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। इस्तीफे के बाद संविधान के अनुसार नए राष्ट्रपति के चुनाव तक संसद के स्पीकर कार्यवाहक राष्ट्रपति की जिम्मेदारी संभालेंगे।
राष्ट्रपति शहाबुद्दीन अप्रैल 2023 से इस पद पर थे और उन्हें शेख हसीना का करीबी सहयोगी माना जाता रहा है। उनके इस्तीफे को बांग्लादेश की बदलती राजनीतिक परिस्थितियों में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।


