फर्रुखाबाद। शहर को जाम की समस्या से निजात दिलाने और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने के उद्देश्य से नगर के प्रमुख तिराहों और चौराहों पर लगाई गई ट्रैफिक सिग्नल (रेड लाइट) व्यवस्था अब अपनी उपयोगिता खोती नजर आ रही है। शहर के सबसे व्यस्त लाल गेट तिराहे पर लगी रेड लाइट पिछले कई दिनों से बंद पड़ी है, जिसके कारण यहां यातायात पूरी तरह अव्यवस्थित हो गया है। जिम्मेदार विभाग की उदासीनता और निगरानी के अभाव में लोग खुलेआम यातायात नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं।
लाल गेट तिराहा शहर का प्रमुख यातायात केंद्र है, जहां दिनभर दोपहिया, चारपहिया, ई-रिक्शा, ऑटो और भारी वाहनों का आवागमन बना रहता है। रेड लाइट बंद होने के कारण वाहन चालक अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी दिशा से वाहन निकाल रहे हैं। इससे न केवल जाम की स्थिति बन रही है, बल्कि हर समय दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि ट्रैफिक सिग्नल लगाने पर लाखों रुपये खर्च किए गए, लेकिन उनके रखरखाव की व्यवस्था प्रभावी नहीं है। यदि कोई तकनीकी खराबी आई भी है तो उसे कई दिनों तक ठीक न किया जाना संबंधित विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े करता है।
सबसे गंभीर बात यह है कि लाल गेट तिराहे पर पिकेट ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी भी यातायात व्यवस्था संभालने के बजाय कई बार निष्क्रिय नजर आते हैं। लोगों का आरोप है कि वाहन चालक बेधड़क गलत दिशा से निकलते हैं, लाल बत्ती की अनुपस्थिति का फायदा उठाकर नियमों की अनदेखी करते हैं, लेकिन उन्हें रोकने या कार्रवाई करने के लिए कोई प्रभावी प्रयास दिखाई नहीं देता।
व्यापारियों और राहगीरों का कहना है कि यदि रेड लाइट समय पर चालू रहे और ट्रैफिक पुलिस सक्रियता से अपनी जिम्मेदारी निभाए, तो शहर में जाम की समस्या काफी हद तक कम हो सकती है। वर्तमान स्थिति में तिराहे पर हर समय अव्यवस्था बनी रहती है, जिससे आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
लाल गेट तिराहे पर बंद पड़ी रेड लाइट, ट्रैफिक व्यवस्था बेपटरी; पुलिस की सुस्ती से नियमों की उड़ रही धज्जियां


