कड़ी सजा, भारी जुर्माना और फास्ट ट्रैक अदालतों का प्रावधान संभव; संसद के मौजूदा सत्र में विधेयक लाने की तैयारी
विशेष संवाददाता | यूथ इंडिया
नई दिल्ली। देशभर में परीक्षा प्रश्नपत्र लीक की घटनाओं पर बढ़ते विवाद के बीच केंद्र सरकार बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है। केंद्रीय मंत्रिमंडल की शुक्रवार को होने वाली बैठक में पेपर लीक रोकने के लिए नए और अधिक सख्त कानून के प्रस्ताव को मंजूरी मिल सकती है। सरकार की योजना है कि इस विधेयक को संसद के मौजूदा मानसून सत्र में पेश कर जल्द पारित कराया जाए।
प्रस्तावित कानून में प्रश्नपत्र लीक और संगठित परीक्षा धोखाधड़ी में शामिल लोगों के लिए मौजूदा प्रावधानों से अधिक कठोर सजा, भारी आर्थिक दंड तथा मामलों के शीघ्र निस्तारण के लिए फास्ट ट्रैक अदालतों की व्यवस्था किए जाने का प्रस्ताव बताया जा रहा है। इसका उद्देश्य प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और विश्वसनीयता को मजबूत करना है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी संकेत दिया है कि सरकार पेपर लीक के खिलाफ और कड़े कदम उठाने जा रही है। उनके अनुसार, मंत्रिमंडल की बैठक के बाद इस संबंध में आगे की विधायी प्रक्रिया तेज की जाएगी।
हालांकि, कैबिनेट की औपचारिक मंजूरी और विधेयक का अंतिम स्वरूप अभी जारी होना बाकी है। मंजूरी मिलने के बाद ही कानून के प्रावधानों की आधिकारिक जानकारी सामने आएगी।


