कार्डधारकों ने बेच दिया सरकारी राशन, खरीदार ने नाम बताने से किया इनकार; जांच रिपोर्ट डीएसओ को भेजी गई
अमृतपुर: सरकारी राशन की कालाबाजारी की सूचना पर बुधवार को पूर्ति विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अमृतपुर क्षेत्र की ग्राम पंचायत रतनपुर पमारान स्थित एक मेडिकल स्टोर पर छापेमारी की। जिला पूर्ति अधिकारी के निर्देश पर हुई इस कार्रवाई में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के सरकारी चावल के 8 पैकेट बरामद किए गए। मामले के सामने आने के बाद विभाग ने जांच तेज कर दी है और पूरे नेटवर्क की पड़ताल शुरू कर दी है।पूर्ति निरीक्षक नितेश कुमार नायक के नेतृत्व में पहुंची टीम ने मेडिकल स्टोर का निरीक्षण किया। जांच के दौरान वहां मौजूद लोगों ने बताया कि क्षेत्र के कुछ राशन कार्ड धारक सरकारी चावल 22 से 23 रुपये प्रति किलो की दर से उन्हें बेचते हैं। हालांकि पूछताछ के दौरान किसी भी व्यक्ति ने राशन बेचने वाले कार्डधारकों के नाम बताने से इनकार कर दिया।निरीक्षण के दौरान बरामद हुए 8 सरकारी चावल के पैकेट ग्राम पंचायत चपरा के उचित दर विक्रेता (कोटेदार) संतोष कुमार को सुपुर्द कर दिए गए। मौके पर खरीद-बिक्री से संबंधित कोई बिल, रसीद या अन्य दस्तावेज नहीं मिले, जिससे मामला और संदिग्ध हो गया।पूर्ति निरीक्षक नितेश कुमार नायक ने बताया कि पूरे मामले की जांच रिपोर्ट तैयार कर जिला पूर्ति अधिकारी को भेजी जा रही है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि सरकारी राशन किन-किन कार्डधारकों द्वारा बेचा गया और इस खरीद-बिक्री के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि सरकारी राशन बेचने वाले राशन कार्ड धारकों ने अपने नाम छिपा लिए, तो क्या केवल खरीदने वाले के खिलाफ कार्रवाई होगी या फिर राशन बेचने वालों की भी पहचान कर उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी? पूर्ति विभाग की आगामी जांच पर सभी की नजरें टिकी हैं।


