फर्रुखाबाद। करीब सात वर्ष पुराने नाबालिग किशोरी के अपहरण और दुष्कर्म के चर्चित मामले में न्यायालय ने अहम फैसला सुनाते हुए दो आरोपियों को दोषी ठहरा दिया है। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट/अपर सत्र न्यायाधीश रेखा शर्मा ने साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर लल्लूराम उर्फ पंकज तथा धर्मपाल को दोषी करार दिया। अदालत दोषियों को 22 जुलाई को सजा सुनाएगी। निर्णय के बाद दोनों दोषियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
अभियोजन के अनुसार, मऊदरवाजा थाना क्षेत्र निवासी एक महिला ने वर्ष 2017 में अपनी 17 वर्षीय पुत्री के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत में कहा गया था कि 5 सितंबर 2017 की शाम उसकी नाबालिग पुत्री खेत पर शौच के लिए गई थी। इसी दौरान गांव के रहने वाले लल्लूराम उर्फ पंकज, जोगेंद्र और बृजेश ने कथित रूप से उसे जबरन मोटरसाइकिल पर बैठाकर अगवा कर लिया। परिजनों के शोर मचाने के बावजूद आरोपी किशोरी को लेकर फरार हो गए। काफी तलाश के बाद भी उसका कोई पता नहीं चल सका, जिसके बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।
विवेचना के दौरान पुलिस को जोगेंद्र और बृजेश के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिले, जिसके चलते उनके नाम मुकदमे से हटा दिए गए। वहीं जांच के दौरान धर्मपाल का नाम प्रकाश में आने पर पुलिस ने लल्लूराम उर्फ पंकज और धर्मपाल के विरुद्ध न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक तेज सिंह राजपूत ने प्रभावी ढंग से पक्ष रखा। न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने, उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों का परीक्षण करने के बाद लल्लूराम उर्फ पंकज एवं धर्मपाल को नाबालिग किशोरी के अपहरण और दुष्कर्म का दोषी करार दिया।
न्यायालय के आदेश के बाद दोनों दोषियों को तत्काल न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। अब इस बहुचर्चित मामले में दोषियों की सजा पर अंतिम फैसला 22 जुलाई को सुनाया जाएगा, जिस पर पीड़ित पक्ष सहित पूरे क्षेत्र की निगाहें टिकी हैं।
नाबालिग किशोरी के अपहरण और दुष्कर्म मामले में दो दोषी करार, 22 जुलाई को सुनाई जाएगी सजा


