35 करोड़ पौधरोपण महाअभियान का शुभारंभ
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 35 करोड़ पौधरोपण महाअभियान ‘एक पेड़ मां के नाम’ के तहत आयोजित वृक्षारोपण महायज्ञ-2026 का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पर्यावरण संरक्षण को राष्ट्र निर्माण से जोड़ते हुए प्रदेशवासियों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनका संरक्षण करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि धरती हमें जीवन के लिए आवश्यक हर संसाधन उपलब्ध कराती है, इसलिए इसकी रक्षा करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि “धरती माता हमें स्वच्छ वातावरण देती है, अन्न, फल, जल और जीवन की सभी आवश्यकताओं की पूर्ति करती है। प्रकृति का संरक्षण केवल पर्यावरण का विषय नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और सभ्यता का भी मूल आधार है।”
उन्होंने अथर्ववेद का प्रसिद्ध श्लोक “माता भूमिः पुत्रोऽहं पृथिव्याः” उद्धृत करते हुए कहा कि इसका अर्थ है— “यह धरती हमारी माता है और हम सभी उसके पुत्र हैं।” यदि हम स्वयं को धरती का पुत्र मानते हैं तो उसके संरक्षण और संवर्धन का दायित्व भी हमारा ही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया है। इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि यह केवल पौधा लगाने का कार्यक्रम नहीं, बल्कि अपनी मां के प्रति सम्मान, प्रकृति के प्रति कृतज्ञता और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का संकल्प है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हमें यह विचार करना होगा कि हम आने वाली पीढ़ी को कैसा पर्यावरण सौंपना चाहते हैं। यदि आज वृक्षारोपण और पर्यावरण संरक्षण को राष्ट्रीय कर्तव्य मानकर कार्य नहीं किया गया, तो भविष्य में जलवायु परिवर्तन, जल संकट और प्रदूषण जैसी चुनौतियां और गंभीर हो सकती हैं।
उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि प्रत्येक व्यक्ति कम से कम एक पौधा अपनी मां के नाम पर लगाए और उसे वृक्ष बनने तक संरक्षित करने का संकल्प ले। मुख्यमंत्री ने कहा कि पौधारोपण तभी सफल माना जाएगा, जब लगाए गए पौधे जीवित रहकर आने वाली पीढ़ियों को छाया, स्वच्छ वायु और जीवन प्रदान करें।
मुख्यमंत्री ने अभियान को जनभागीदारी का उत्सव बताते हुए कहा कि सरकार, समाज, शैक्षणिक संस्थान, स्वयंसेवी संगठन और आम नागरिक मिलकर उत्तर प्रदेश को हरित, स्वच्छ और पर्यावरण की दृष्टि से समृद्ध बनाने की दिशा में कार्य करें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि 35 करोड़ पौधरोपण महाअभियान प्रदेश को हरित उत्तर प्रदेश बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होगा।


