लखनऊ। प्रदेश सरकार ने स्कूली बच्चों में स्वस्थ जीवनशैली की आदत विकसित करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब प्रदेश के सभी परिषदीय, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (केजीबीवी), अशासकीय सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त विद्यालयों में विद्यार्थियों को स्वास्थ्य, पोषण और हेल्दी लाइफस्टाइल के प्रति विशेष रूप से जागरूक किया जाएगा। इस संबंध में समग्र शिक्षा राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी ने सभी जिलों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं।
नई व्यवस्था के तहत स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की पुस्तक ‘मेरे स्वास्थ्य की दुनिया’ तथा भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) की ‘ईट राइट इंडिया’ पहल के अंतर्गत तैयार अध्ययन सामग्री का उपयोग विद्यालयों में कराया जाएगा। इन पुस्तकों के माध्यम से बच्चों को शरीर के अंगों की कार्यप्रणाली, संतुलित एवं पौष्टिक भोजन, जंक फूड के दुष्प्रभाव, नियमित व्यायाम, योग, खेलकूद, पर्याप्त नींद तथा डिजिटल उपकरणों के सुरक्षित और संतुलित उपयोग की जानकारी दी जाएगी।
निर्देशों के अनुसार इस विषय को केवल कक्षा शिक्षण तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि प्रार्थना सभा, बाल सभा, अभिभावक-शिक्षक बैठक, विद्यालय स्वास्थ्य कार्यक्रम और शिक्षकों के प्रशिक्षण में भी शामिल किया जाएगा। शिक्षकों के प्रशिक्षण के दौरान स्वास्थ्य एवं पोषण पर 10 मिनट का विशेष सत्र आयोजित होगा।
इसके अलावा बैगलेस डे पर पोस्टर प्रतियोगिता, चित्रकला, निबंध, भाषण, वाद-विवाद, प्रश्नोत्तरी, रोल प्ले, नाटक और विज्ञान गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया जाएगा। विद्यालयों के सूचना पट्ट, व्हाट्सएप समूह और विद्यालय प्रबंधन समिति की बैठकों के माध्यम से भी स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी संदेशों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य बच्चों में बचपन से ही स्वस्थ खानपान और बेहतर जीवनशैली की आदत विकसित करना है।


