लखनऊ/आगरा। उत्तर प्रदेश सरकार ने नकली और संदिग्ध दवाओं के कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए आगरा में सक्रिय करोड़ों रुपये के दवा सिंडिकेट पर शिकंजा कस दिया है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) के आयुक्त के नेतृत्व में चलाए गए विशेष अभियान के तहत एक साथ कई स्थानों पर छापेमारी कर दवा कारोबार से जुड़े नेटवर्क को निशाना बनाया गया।
एफएसडीए की 15 ड्रग इंस्पेक्टरों की संयुक्त टीम ने समन्वित कार्रवाई करते हुए 13 दवा फर्मों पर एक साथ छापे मारे। जांच के दौरान कई अनियमितताओं के प्रमाण मिलने पर संबंधित अभिलेखों और दवाओं की गहन जांच शुरू कर दी गई है।
कार्रवाई के दौरान 14 संचालकों के विरुद्ध तीन नई प्राथमिकी दर्ज कराई गई हैं। अधिकारियों का कहना है कि पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।
एफएसडीए के अनुसार, अब तक इस अभियान के तहत 58 थोक दवा लाइसेंस निरस्त या निलंबित किए जा चुके हैं। यह कार्रवाई प्रदेश में नकली, अवैध और मानकविहीन दवाओं के कारोबार पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से की जा रही है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि आम जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति या संस्था को बख्शा नहीं जाएगा। नकली दवाओं के निर्माण, भंडारण और बिक्री में शामिल पूरे नेटवर्क की पहचान कर उनके खिलाफ लगातार अभियान चलाया जाएगा, ताकि प्रदेश में सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।


