भोपाल/दतिया। मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव में भाजपा द्वारा आशुतोष तिवारी को प्रत्याशी बनाए जाने के बाद उपजा विवाद शनिवार को राजनीतिक चर्चा का केंद्र बना रहा। टिकट नहीं मिलने से नाराज पूर्व गृह मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर कई घंटे तक प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई, पथराव हुआ तथा हालात नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। इस दौरान पुलिस अधीक्षक समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए।
घटनाक्रम के बाद नरोत्तम मिश्रा ने पहली प्रतिक्रिया देते हुए समर्थकों से संयम बरतने और किसी भी प्रकार का उपद्रव नहीं करने की अपील की। उन्होंने कहा कि “पार्टी का निर्णय सर्वोपरि है। आशुतोष तिवारी को टिकट देना पार्टी का फैसला है और हम उसका सम्मान करते हैं। कार्यकर्ता धैर्य रखें, अपनी बात पार्टी के उचित मंच पर रखें।” उन्होंने स्पष्ट किया कि वे भाजपा के साथ हैं और पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के पक्ष में चुनाव प्रचार भी करेंगे।
नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि पार्टी ने उन्हें बहुत सम्मान और अवसर दिए हैं, इसलिए उन्हें किसी प्रकार की नाराजगी नहीं है। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी कार्यकर्ता जल्द ही एकजुट होकर भाजपा की जीत सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस आज तक भाजपा की कार्यशैली को समझ नहीं पाई है।
उधर, हिंसक प्रदर्शन के बाद नरोत्तम मिश्रा ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और संगठन महामंत्री अजय जमवाल से मुलाकात की। बैठक में दतिया उपचुनाव और संगठनात्मक स्थिति पर चर्चा हुई। प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि भाजपा किसी भी कार्यकर्ता का इस्तीफा स्वीकार नहीं करेगी और नरोत्तम मिश्रा के मार्गदर्शन में पार्टी दतिया उपचुनाव जीतेगी।
गौरतलब है कि भाजपा ने दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार घोषित किया है, जिसके बाद मिश्रा समर्थकों में नाराजगी देखने को मिली। प्रशासन ने हिंसक प्रदर्शन में शामिल लोगों की पहचान कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।


