ऑकलैंड। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने न्यूजीलैंड दौरे के दौरान भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए करीब तीन दशक पुरानी यादें साझा कर भावुक माहौल बना दिया। उन्होंने मंच से एक मफलर दिखाते हुए बताया कि यह उन्हें 25-30 वर्ष पहले न्यूजीलैंड यात्रा के दौरान एक स्थानीय व्यक्ति ने उपहार स्वरूप दिया था। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भी उन्होंने उस मफलर को उसी स्नेह और सम्मान के साथ संभालकर रखा है, क्योंकि यह केवल एक उपहार नहीं बल्कि लोगों के प्रेम, विश्वास और आत्मीयता की निशानी है।
प्रधानमंत्री ने बताया कि उस समय वे न तो सरकार का हिस्सा थे और न ही सार्वजनिक जीवन में उन्हें व्यापक पहचान मिली थी। इसके बावजूद न्यूजीलैंड के लोगों ने उन्हें अपनापन दिया। उन्होंने कहा कि उस यात्रा के दौरान उन्हें तीन उपहार—एक मफलर, एक कैप और एक जोड़ी दस्ताने—भेंट किए गए थे। ठंड के मौसम में मिले ये उपहार आज भी उन्हें वहां के लोगों के स्नेह की याद दिलाते हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि किसी उपहार का महत्व उसकी कीमत से नहीं, बल्कि उससे जुड़ी भावनाओं से तय होता है। उन्होंने कहा कि वर्षों पहले मिला यह मफलर आज भी उनके पास सुरक्षित है और हर बार उसे देखकर न्यूजीलैंड के लोगों का प्रेम और भारतीय समुदाय का अपनापन याद आ जाता है। उनके इस संस्मरण पर कार्यक्रम में मौजूद प्रवासी भारतीयों ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका स्वागत किया।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में भारत और न्यूजीलैंड के बीच मजबूत होते संबंधों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के रिश्तों की सबसे बड़ी ताकत यहां रहने वाला भारतीय समुदाय है, जिसने अपने परिश्रम, संस्कृति और मूल्यों से दोनों देशों के बीच विश्वास और मित्रता को लगातार मजबूत किया है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में भारत और न्यूजीलैंड के संबंध नई ऊंचाइयों तक पहुंचेंगे।


