लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार (Yogi government) ने ग्रामीण युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी के लिए गांवों में ही आधुनिक अध्ययन सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। पहले चरण में प्रदेश के 32 जिलों की 11,350 ग्राम पंचायतों में हाईटेक डिजिटल लाइब्रेरी (digital libraries) विकसित की गई हैं, जहां छात्र-छात्राओं को ई-बुक्स, वीडियो लेक्चर, ऑडियो कंटेंट और इंटरैक्टिव क्विज सहित 20 हजार से ज्यादा डिजिटल शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है।
योजना के पीछे सरकार का उद्देश्य ग्रामीण प्रतिभाओं को आईएएस, पीसीएस और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए शहरों पर निर्भरता से मुक्त करना है। इसके लिए हर डिजिटल लाइब्रेरी के निर्माण पर लगभग चार लाख रुपये खर्च किए गए हैं। इनमें करीब दो लाख रुपये की पुस्तकों की व्यवस्था की गई है, जबकि 1.30 लाख रुपये आईटी उपकरणों और लगभग 70 हजार रुपये आधुनिक फर्नीचर पर खर्च किए गए हैं। इन लाइब्रेरियों में पारंपरिक पुस्तकों के साथ डिजिटल माध्यम से अध्ययन की सुविधा भी उपलब्ध होगी।
पंचायतीराज निदेशक अमित कुमार सिंह ने बताया कि इन डिजिटल लाइब्रेरियों में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए 20 हजार से अधिक डिजिटल कंटेंट उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इनमें ई-बुक्स, वीडियो लेक्चर, ऑडियो सामग्री और इंटरैक्टिव क्विज शामिल हैं, जिससे ग्रामीण युवाओं की प्रतिस्पर्धी क्षमता बढ़ेगी। गांवों में अफसर तैयार करेगी योगी सरकार की डिजिटल लाइब्रेरी, 32 जिलों की 11,350 ग्राम पंचायतों में हाईटेक सुविधा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रत्येक डिजिटल लाइब्रेरी के निर्माण पर लगभग चार लाख रुपये खर्च किए गए हैं। इनमें करीब दो लाख रुपये की पुस्तकों की व्यवस्था की गई है, जबकि 1.30 लाख रुपये आईटी उपकरणों और लगभग 70 हजार रुपये आधुनिक फर्नीचर पर खर्च किए गए हैं। इन लाइब्रेरियों में पारंपरिक पुस्तकों के साथ डिजिटल माध्यम से अध्ययन की सुविधा भी उपलब्ध होगी।
अमित सिंह के अनुसार इन लाइब्रेरियों का संचालन ग्राम प्रधान और ग्राम सचिव की देखरेख में होगा, जबकि संबंधित अधिकारी नियमित रूप से इसकी निगरानी करेंगे। पहले चरण में अयोध्या, प्रयागराज, गोरखपुर, वाराणसी, गौतम बुद्ध नगर, गाजियाबाद, आगरा, देवरिया, उन्नाव, संभल, जौनपुर समेत 32 जिलों में पुस्तकों और फर्नीचर की शत-प्रतिशत आपूर्ति पूरी की जा चुकी है।


