लखनऊ। उत्तर प्रदेश के लाखों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स की निगाहें अब 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों पर टिकी हैं। केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए गठित 8वां वेतन आयोग विभिन्न राज्यों में कर्मचारी संगठनों और संबंधित पक्षों से सुझाव ले रहा है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश के लखनऊ में भी कर्मचारियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठकें आयोजित की गई हैं।
कर्मचारियों के बीच सबसे बड़ा सवाल यह है कि 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें कब लागू होंगी। फिलहाल आयोग परामर्श और आंकड़े जुटाने की प्रक्रिया में है। विभिन्न मीडिया रिपोर्टों के अनुसार आयोग अपनी रिपोर्ट वर्ष 2027 के मध्य तक सौंप सकता है। इसके बाद केंद्र सरकार अंतिम निर्णय लेकर नई वेतन संरचना लागू करेगी।
उत्तर प्रदेश के सरकारी कर्मचारी भी इस प्रक्रिया पर करीबी नजर बनाए हुए हैं, क्योंकि परंपरागत रूप से केंद्र सरकार के नए वेतनमान लागू होने के बाद राज्य सरकारें भी अपने कर्मचारियों के लिए समान निर्णय लेती हैं। हालांकि उत्तर प्रदेश में 8वें वेतन आयोग को लागू करने को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
कर्मचारी संगठनों को उम्मीद है कि नए वेतन आयोग के लागू होने से मूल वेतन, महंगाई भत्ता, मकान किराया भत्ता और पेंशन सहित अन्य भत्तों में भी संशोधन हो सकता है। हालांकि अंतिम लाभ और लागू होने की तिथि आयोग की सिफारिशों तथा केंद्र सरकार के फैसले के बाद ही स्पष्ट होगी।


