नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ और राष्ट्रगान ‘जन-गण-मन’ के गायन एवं वादन को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। गृह मंत्रालय (MHA) द्वारा 9 जुलाई को जारी आदेश के अनुसार, जिन सरकारी कार्यक्रमों में राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान दोनों प्रस्तुत किए जाएंगे, वहां सबसे पहले ‘वंदे मातरम्’ और उसके बाद ‘जन-गण-मन’ गाया या बजाया जाएगा।
नई गाइडलाइन सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और केंद्रीय मंत्रालयों को भेजी गई है। इसमें स्पष्ट किया गया है कि राष्ट्रपति और राज्यपालों के औपचारिक राजकीय कार्यक्रमों, नागरिक सम्मान समारोहों, राष्ट्रीय ध्वज से जुड़े आयोजनों तथा केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित अन्य कार्यक्रमों में राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान के गायन का निर्धारित प्रोटोकॉल अपनाया जाएगा।
गृह मंत्रालय ने यह भी निर्देश दिया है कि राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान प्रस्तुत करते समय सही शब्दों, उच्चारण और निर्धारित धुन का कड़ाई से पालन किया जाए। इसके लिए मंत्रालय ने अपनी वेबसाइट पर अधिकृत शब्दावली और उच्चारण संबंधी मार्गदर्शिका भी उपलब्ध कराई है।
आदेश में यह भी कहा गया है कि जिन राज्यों में राज्य गीत भी गाया जाता है, वहां यदि राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान दोनों का गायन हो तो पहले ‘वंदे मातरम्’ और उसके बाद ‘जन-गण-मन’ प्रस्तुत किया जाएगा। इस दौरान सभी उपस्थित लोगों को सम्मानपूर्वक सावधान की मुद्रा में खड़ा रहना होगा।
गौरतलब है कि गृह मंत्रालय इससे पहले 28 जनवरी 2026 को भी राष्ट्रगीत के संबंध में दिशा-निर्देश जारी कर चुका था। केंद्र सरकार इस वर्ष ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ भी मना रही है। सरकार ने दोहराया है कि संविधान सभा के 24 जनवरी 1950 के प्रस्ताव के अनुसार ‘जन-गण-मन’ भारत का राष्ट्रगान है, जबकि स्वतंत्रता आंदोलन में ऐतिहासिक भूमिका निभाने वाले ‘वंदे मातरम्’ को समान सम्मान प्राप्त है।


