जहानगंज (फर्रुखाबाद)। पुलिस की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। नाबालिग बेटी के अपहरण की शिकायत लेकर पहुंची पीड़िता की मां को आरोप है कि दो बार थाना जहानगंज से बिना मुकदमा दर्ज किए वापस लौटा दिया गया। मामला तूल पकड़ने और बजरंग दल के हस्तक्षेप के बाद आखिरकार पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
पीड़िता की मां ने दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि 9 जुलाई की रात करीब 11:30 बजे उनकी करीब 15 वर्षीय बेटी को युवक अरबाज पुत्र फजीर अहमद बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। शिकायत में अरमान, आजम, फजीर अहमद और परवीन पर भी घटना में सहयोग करने का आरोप लगाया गया है।
परिजनों का आरोप है कि घटना के बाद वे लगातार थाना जहानगंज के चक्कर लगाते रहे, लेकिन दो बार शिकायत के बावजूद पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया। इसके बाद बजरंग दल के पदाधिकारियों ने मामले में हस्तक्षेप किया और पुलिस पर कार्रवाई का दबाव बनाया। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की।
मामले की जांच क्षेत्राधिकारी (सीओ) अजय वर्मा के निर्देशन में कराई जा रही है। वहीं, घटना के बाद क्षेत्र में पुलिस की कार्यशैली को लेकर लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। अगर शुरुआती शिकायत पर ही कार्रवाई होती, तो मामले को लेकर इतना विवाद खड़ा नहीं होता। हिन्दू नेता अंकुल गुप्ता ने पुलिस की कार्यप्रणाली से नाराजगी जाहिर की और कहा की पीड़िता को न्याय दिलाकर रहेंगे।


