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Friday, July 10, 2026

40 साल बाद न्यूजीलैंड पहुंचे पीएम मोदी

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अभूतपूर्व सुरक्षा घेरे में भारत-न्यूजीलैंड संबंधों को मिलेगी नई दिशा

ऑकलैंड/नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को अपने तीन देशों के दौरे के अंतिम चरण में न्यूजीलैंड पहुंचे, जहां उनका गर्मजोशी से स्वागत स्वयं न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने एयरपोर्ट पर किया। यह पिछले 40 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री का पहला न्यूजीलैंड दौरा है। इस यात्रा को भारत-न्यूजीलैंड संबंधों में एक ऐतिहासिक पड़ाव माना जा रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा को लेकर न्यूजीलैंड में अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था की गई है। ऑकलैंड और आसपास के इलाकों में सैकड़ों पुलिसकर्मियों, स्थानीय खुफिया एजेंसियों, बम निरोधक दस्तों, स्नाइपर्स, स्निफर डॉग्स, स्पेशल एंटी-टेरर स्क्वाड और अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। प्रमुख मार्गों, होटल, बैठक स्थलों और भारतीय समुदाय के कार्यक्रमों को हाई-सिक्योरिटी ज़ोन घोषित किया गया है। कई इमारतों की छतों पर स्नाइपर्स तैनात हैं, जबकि हर गतिविधि पर सुरक्षा एजेंसियां लगातार नजर बनाए हुए हैं।

स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यह न्यूजीलैंड में किसी विदेशी राष्ट्राध्यक्ष या सरकार प्रमुख के लिए अब तक की सबसे कड़ी सुरक्षा व्यवस्थाओं में से एक मानी जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों ने संभावित विरोध-प्रदर्शनों और किसी भी अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए विशेष सतर्कता बरती है।

दो दिवसीय यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के बीच व्यापार, निवेश, रक्षा सहयोग, कृषि, शिक्षा, तकनीक, समुद्री सुरक्षा और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी जैसे अहम मुद्दों पर विस्तृत बातचीत होगी। दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण समझौतों पर भी हस्ताक्षर होने की संभावना है।

प्रधानमंत्री मोदी न्यूजीलैंड में बसे भारतीय समुदाय को भी संबोधित करेंगे। माना जा रहा है कि उनका यह दौरा दोनों देशों के आर्थिक, सामरिक और सांस्कृतिक संबंधों को नई मजबूती देगा तथा हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत की बढ़ती कूटनीतिक भूमिका को और सशक्त बनाएगा।

गौरतलब है कि न्यूजीलैंड पहुंचने से पहले प्रधानमंत्री मोदी इंडोनेशिया और ऑस्ट्रेलिया की सफल यात्राएं पूरी कर चुके हैं। इंडोनेशिया में दोनों देशों के बीच 14 महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर हुए, जबकि ऑस्ट्रेलिया में रक्षा, व्यापार, खेल और क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग को लेकर कई अहम निर्णय लिए गए।

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