देवेश कुशवाहा फिरोजाबाद
फिरोजाबाद। शिकोहाबाद के बहुचर्चित डेढ़ वर्षीय मासूम आरव हत्याकांड में जिला न्यायालय ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए दोषी विराज उर्फ जितेंद्र पाठक को फांसी की सजा सुनाई है। जिला जज डॉ. बब्बू सारंग की अदालत ने एकतरफा प्यार की सनक में मासूम की नृशंस हत्या को जघन्य अपराध मानते हुए आरोपी को मृत्युदंड से दंडित किया। फैसले के बाद अदालत परिसर में भारी सुरक्षा व्यवस्था रही।
गुरुवार को अदालत ने विराज को हत्या का दोषी करार दिया था और सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए 10 जुलाई की तारीख तय की थी। शुक्रवार को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आरोपी को फांसी की सजा सुना दी। यह मामला 30 मई का है, जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था। अभियोजन के अनुसार बदायूं के शेखूपुर निवासी विराज एक महिला से एकतरफा प्रेम करता था और उस पर शादी का दबाव बना रहा था।
महिला द्वारा प्रस्ताव ठुकराने से बौखलाए आरोपी ने बदला लेने की नीयत से महिला के डेढ़ वर्षीय बेटे आरव को टॉफी दिलाने का झांसा देकर अपने साथ ले गया और सुनसान गली में उसे कई बार जमीन पर पटक दिया। गंभीर चोटों के कारण मासूम की मौके पर ही मौत हो गई। घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद पूरे प्रदेश में आक्रोश फैल गया था। बाद में पुलिस ने आरोपी को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
जिला शासकीय अधिवक्ता राजीव प्रियदर्शी ने बताया कि पुलिस और अभियोजन ने इस मामले में तेजी से पैरवी करते हुए मात्र छह दिनों में 13 गवाहों की गवाही पूरी कराई। मजबूत वैज्ञानिक साक्ष्यों, प्रत्यक्षदर्शी गवाहों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए मृत्युदंड की सजा सुनाई।
फैसला सुनाए जाने के बाद मृतक आरव की मां रति शर्मा भावुक हो गईं। उन्होंने कहा, मेरा बेटा कोई गुड्डा नहीं था। जिसने उसे इतनी बेरहमी से मार डाला, उसे फांसी की सजा मिलनी ही चाहिए थी। मुझे न्याय मिला है।


