– हाईकोर्ट में अपील के बाद मिली राहत
कानपुर। उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री राकेश सचान को 31 वर्ष पुराने आर्म्स एक्ट से जुड़े मामले में बड़ी कानूनी राहत मिली है। न्यायालय ने उन्हें दोषमुक्त कर दिया है। यह मामला वर्ष 1991 में कानपुर के नौबस्ता थाने में दर्ज हुआ था और लंबे समय से न्यायालय में विचाराधीन था।
मामला एक चर्चित तिहरे हत्याकांड से जुड़ा था, जिसमें राकेश सचान पर कथित रूप से असलहा उपलब्ध कराने का आरोप लगाया गया था। इसी आधार पर उनके विरुद्ध आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। वर्षों तक चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद यह मामला विभिन्न अदालतों में सुनवाई के दौर से गुजरा।
वर्ष 2022 में इसी प्रकरण में निचली अदालत ने राकेश सचान को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई थी। इसके बाद उन्होंने इस निर्णय को उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी। अपील पर सुनवाई के बाद उन्हें राहत मिली और अब न्यायालय ने उन्हें दोषमुक्त कर दिया है।
न्यायालय के इस फैसले के साथ ही लंबे समय से चल रहे इस मुकदमे में राकेश सचान को कानूनी राहत प्राप्त हुई है। यह मामला प्रदेश की राजनीति में भी काफी चर्चित रहा था, क्योंकि फैसला आने के बाद इसे लेकर व्यापक राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आई थीं।
राकेश सचान के पक्षकारों ने फैसले का स्वागत करते हुए इसे न्यायपालिका पर विश्वास की जीत बताया, जबकि मामले से जुड़े अन्य पक्षों की ओर से आगे की कानूनी प्रक्रिया पर फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
करीब तीन दशक पुराने इस मामले में आए ताजा फैसले के बाद अब इस प्रकरण का एक महत्वपूर्ण कानूनी अध्याय समाप्त होता दिखाई दे रहा है। हालांकि यदि किसी पक्ष की ओर से आगे कोई वैधानिक कदम उठाया जाता है, तो मामले की अगली कानूनी दिशा उसी के अनुरूप तय होगी।


