– नाला, एसटीपी और गौशाला की व्यवस्थाओं पर सख्ती
फर्रुखाबाद। जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने गुरुवार को जनपद में जनहित एवं विकास कार्यों की प्रगति का स्थलीय निरीक्षण करते हुए सिविल लाइन नाला, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) तथा विकासखंड मोहम्मदाबाद के ग्राम भरता मऊ स्थित गौवंश आश्रय स्थल का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को व्यवस्थाओं में सुधार लाने और शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप कार्य करने के निर्देश दिए।
सिविल लाइन नाले के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने बरसात के मौसम में जलभराव की संभावनाओं, नाले की सफाई और जल निकासी व्यवस्था का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने नगर पालिका अधिकारियों को निर्देशित किया कि नालों की नियमित सफाई कराई जाए तथा सफाई के बाद निकाले गए कूड़े को जेसीबी के माध्यम से तत्काल निर्धारित स्थान पर पहुंचाकर उसकी जियो-टैगिंग सहित फोटो उपलब्ध कराई जाए।
इसके बाद जिलाधिकारी ने सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) पहुंचकर प्लांट की क्षमता, संचालन व्यवस्था और सीवेज शोधन प्रक्रिया का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिए कि प्लांट का संचालन निर्धारित मानकों के अनुरूप किया जाए तथा पर्यावरण संरक्षण के सभी नियमों का पूर्ण पालन सुनिश्चित हो। उन्होंने एसटीपी से जुड़े नालों की सिल्ट सफाई कराने और नालों का पानी प्लांट तक पहुंचाने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए, ताकि शोधित जल को गंगा नदी में प्रवाहित किया जा सके।
निरीक्षण के अगले चरण में जिलाधिकारी ग्राम भरता मऊ स्थित गौवंश आश्रय स्थल पहुंचे। यहां उन्होंने संरक्षित गौवंश की संख्या, चारा, पेयजल, पशु चिकित्सा एवं स्वच्छता व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि गौवंश के रखरखाव में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। आश्रय स्थल पर स्वच्छ पेयजल, पर्याप्त हरा चारा, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
जिलाधिकारी ने वृक्षारोपण अभियान के तहत गौशाला परिसर में छायादार एवं सहजन के अधिक से अधिक पौधे लगाने के निर्देश दिए। साथ ही गौशाला परिसर में ही हरे चारे का उत्पादन करने तथा ऊर्जा बचत और आत्मनिर्भरता के लिए सोलर पैनल स्थापित कराने पर भी जोर दिया।
उन्होंने कहा कि शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप सभी व्यवस्थाओं का प्रभावी संचालन सुनिश्चित किया जाए तथा निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों का समयबद्ध अनुपालन हो। संबंधित अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग करते हुए व्यवस्थाओं में निरंतर सुधार लाने के निर्देश भी दिए गए।
निरीक्षण के दौरान नगर पालिका के अधिकारी विनोद कुमार, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. धीरज कुमार शर्मा सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।


