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Thursday, July 9, 2026

भारत-न्यूजीलैंड व्यापार समझौते से खुलेंगे नए अवसर

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57% निर्यात पर नहीं लगेगा आयात शुल्क

नई दिल्ली/वेलिंगटन। भारत और न्यूजीलैंड के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को लेकर न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि समझौते के लागू होते ही भारत को होने वाले न्यूजीलैंड के 57 प्रतिशत निर्यात पर पहले दिन से ही आयात शुल्क (टैरिफ) नहीं लगेगा। इससे न्यूजीलैंड के उत्पाद भारतीय बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी बनेंगे और दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश तथा आर्थिक सहयोग को नई गति मिलेगी।

प्रधानमंत्री लक्सन ने कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। ऐसे में भारतीय बाजार तक आसान पहुंच मिलने से न्यूजीलैंड के कृषि, डेयरी, खाद्य प्रसंस्करण, शिक्षा, प्रौद्योगिकी और सेवा क्षेत्र को बड़ा लाभ मिलेगा। उन्होंने इसे न्यूजीलैंड की अर्थव्यवस्था के लिए ऐतिहासिक अवसर बताते हुए कहा कि यह समझौता दोनों देशों के कारोबारियों के लिए नए बाजार और नए निवेश के रास्ते खोलेगा।

भारत और न्यूजीलैंड के बीच मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत वर्ष 2010 में शुरू हुई थी। दोनों देशों के बीच दस दौर की वार्ता के बाद 2015 में बातचीत रुक गई थी। लगभग दस वर्षों के अंतराल के बाद 17 मार्च 2025 को वार्ता दोबारा शुरू हुई। कई चरणों की बातचीत के बाद 22 दिसंबर 2025 को समझौते को अंतिम रूप दिया गया और 27 अप्रैल 2026 को नई दिल्ली में दोनों देशों ने इस पर आधिकारिक हस्ताक्षर किए।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता केवल न्यूजीलैंड ही नहीं, बल्कि भारत के लिए भी महत्वपूर्ण साबित होगा। इससे भारतीय निर्यातकों को भी न्यूजीलैंड के बाजार में बेहतर अवसर मिलेंगे। कृषि, खाद्य उत्पाद, औषधि, सूचना प्रौद्योगिकी, शिक्षा, पर्यटन, स्वच्छ ऊर्जा और सेवा क्षेत्र में सहयोग बढ़ने की संभावना है। साथ ही दोनों देशों के बीच निवेश, रोजगार सृजन और आपूर्ति श्रृंखला को भी मजबूती मिलेगी।

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