बरसात ने बढ़ाई परेशानी, स्कूली बच्चों से लेकर राहगीरों तक सभी परेशान; जनप्रतिनिधियों के आश्वासन के बीच ग्रामीणों ने जल्द निर्माण की उठाई मांग
अमृतपुर
विकास के दावों के बीच अमृतपुर कस्बे का मुख्य मार्ग बदहाली की ऐसी तस्वीर पेश कर रहा है, जिसने स्थानीय लोगों का धैर्य जवाब देने लगा है। वर्षों से जर्जर पड़ी यह सड़क अब गहरे गड्ढों, कीचड़ और जलभराव का रूप ले चुकी है। बरसात शुरू होते ही हालात और गंभीर हो गए हैं। सड़क पर पानी भर जाने से गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिससे आए दिन दोपहिया और चारपहिया वाहन फंस रहे हैं तथा दुर्घटनाओं की आशंका बनी हुई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह अमृतपुर कस्बे का प्रमुख संपर्क मार्ग है, जिससे प्रतिदिन सैकड़ों लोग, स्कूली बच्चे, बुजुर्ग, व्यापारी और किसान गुजरते हैं। लेकिन सड़क की जर्जर स्थिति के कारण हर सफर जोखिम भरा बन गया है। कुछ दिन पहले एक सरकारी वाहन भी सड़क पर बने गहरे गड्ढे में फंस गया था, जिसे अमृतपुर निवासी श्याम मनोहर अवस्थी ने ट्रैक्टर की सहायता से बाहर निकलवाया। ग्रामीणों के अनुसार उसी दिन चार अन्य वाहन भी कीचड़ में फंस गए थे।ग्रामीण अनिल सक्सेना ने बताया कि हर चुनाव में सड़क निर्माण का वादा किया जाता है, लेकिन चुनाव समाप्त होते ही मामला ठंडे बस्ते में चला जाता है। किशन अवस्थी का कहना है कि सड़क पर इतने बड़े गड्ढे हो चुके हैं कि पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। बरसात के दौरान दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह मार्ग सबसे अधिक खतरनाक साबित हो रहा है।सड़क के किनारे स्थित सरकारी विद्यालय में पढ़ने आने वाले सैकड़ों छात्र-छात्राओं को भी इसी बदहाल मार्ग से गुजरना पड़ता है। अभिभावकों का कहना है कि कीचड़ और जलभराव के कारण कई बार बच्चे फिसलकर चोटिल हो चुके हैं। साथ ही विद्यालय के समीप संचालित शराब के ठेके को लेकर भी उन्होंने चिंता व्यक्त की है।ग्राम प्रधान सचिन देव तिवारी ने बताया कि सड़क निर्माण के लिए कई बार संबंधित विभागों और उच्च अधिकारियों को पत्र भेजे जा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। जिला पंचायत सदस्य अजय कुमार सिंह चौहान ने भी कहा कि उन्होंने कई बार अधिकारियों से मिलकर सड़क निर्माण की मांग उठाई, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका।समाजवादी पार्टी युवजन सभा के जिला सचिव शिवम दिवाकर ने बताया कि उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से भी सड़क की बदहाली का मुद्दा लगातार उठाया, ताकि प्रशासन और जनप्रतिनिधियों का ध्यान इस ओर आकर्षित हो सके।वहीं अमृतपुर विधानसभा के विधायक सुशील शाक्य ने बताया कि सड़क निर्माण का एस्टीमेट तैयार होकर संबंधित विभाग को भेजा जा चुका है। विभिन्न विभागों से आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद आगामी एक से डेढ़ महीने में निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है।हालांकि, क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि इस तरह के आश्वासन पहले भी कई बार मिल चुके हैं। उनका कहना है कि जब तक सड़क निर्माण का कार्य धरातल पर शुरू नहीं होता, तब तक केवल घोषणाओं से समस्या का समाधान नहीं होगा।ग्रामीण राजीव कुमार ने बताया कि जलभराव के कारण नालियों का पानी सड़क पर भर जाता है और कई बार स्थानीय लोगों को स्वयं नालियां साफ करनी पड़ती हैं। लगातार पानी भरे रहने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है और संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ता जा रहा है।ग्रामीणों ने शासन और प्रशासन से मांग की है कि वर्षों पुरानी इस समस्या का स्थायी समाधान करते हुए सड़क निर्माण और जल निकासी की व्यवस्था शीघ्र कराई जाए, ताकि अमृतपुर की इस महत्वपूर्ण जीवनरेखा पर लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन मिल सके।


