लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई, जिसमें प्रदेश की प्रमुख विकास परियोजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में एक्सप्रेस-वे, औद्योगिक अवसंरचना, ग्रामीण आजीविका, ऊर्जा, कृषि, डेटा सेंटर, ईवी चार्जिंग नेटवर्क समेत विभिन्न जनहितकारी परियोजनाओं पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी परियोजनाएं निर्धारित समय सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूरी की जाएं। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने जनसुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए प्रदेश के सभी सरकारी एवं निजी मेडिकल कॉलेजों, चिकित्सा संस्थानों, जिला महिला एवं पुरुष चिकित्सालयों तथा होटलों में फायर एनओसी की स्थिति का तत्काल सत्यापन कराने के निर्देश दिए। जिन संस्थानों की फायर एनओसी की वैधता समाप्त होने वाली है अथवा जिनके पास वैध एनओसी उपलब्ध नहीं है, उन्हें तत्काल नोटिस जारी करने के आदेश दिए गए। उन्होंने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा के साथ किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।
बैठक में मुख्यमंत्री ने एक्सप्रेस-वे और अन्य बड़ी परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में तेजी लाने पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि नए एक्सप्रेस-वे के किनारे औद्योगिक क्षेत्रों के विकास के लिए पर्याप्त भूमि समय रहते उपलब्ध कराई जाए, जिससे निवेश और रोजगार के नए अवसर सृजित हो सकें।
प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती संख्या को देखते हुए मुख्यमंत्री ने ईवी चार्जिंग स्टेशनों के तेजी से विस्तार की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने संबंधित विभागों को आवश्यक अनुमतियों और प्रक्रियाओं को सरल बनाकर चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने तथा निजी निवेश को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए।
ऊर्जा क्षेत्र की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने लाइन लॉस कम करने के लिए फीडरवार जवाबदेही तय करने और बिजली चोरी के विरुद्ध विशेष अभियान चलाकर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ईमानदार उपभोक्ताओं को निर्बाध, गुणवत्तापूर्ण और पर्याप्त विद्युत आपूर्ति हर हाल में उपलब्ध कराई जाए तथा बिजली व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया जाए।


