लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश में स्वच्छ, सुरक्षित और सस्ती ऊर्जा उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए अगले छह महीनों में 15 लाख घरों तक पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) कनेक्शन पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है। सरकार का उद्देश्य एलपीजी सिलेंडर पर निर्भरता कम करना, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना और अधिक से अधिक परिवारों को निर्बाध गैस आपूर्ति उपलब्ध कराना है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2026-27 में कुल 16,23,163 नए पीएनजी कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा गया है। 24 जून तक प्रदेश में 1.60 लाख से अधिक घरों को पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध कराए जा चुके हैं, जो निर्धारित लक्ष्य का लगभग 9.86 प्रतिशत है। अब शेष छह महीनों में करीब 15 लाख नए कनेक्शन देने की कार्ययोजना पर तेजी से काम किया जा रहा है।
प्रदेश सरकार का कहना है कि दक्षिण-पश्चिम एशिया में युद्ध के दौरान एलपीजी आपूर्ति पर पड़े प्रभाव से सबक लेते हुए प्राकृतिक गैस नेटवर्क के विस्तार को प्राथमिकता दी गई है। इसी के तहत गैस पाइपलाइन नेटवर्क का तेजी से विस्तार किया जा रहा है ताकि भविष्य में ईंधन आपूर्ति प्रभावित होने की स्थिति में भी लोगों को परेशानी न हो।
प्रयागराज, लखनऊ, मेरठ, मुरादाबाद, मथुरा, गोरखपुर, फिरोजाबाद, मुजफ्फरनगर, वाराणसी, अलीगढ़, बुलंदशहर, औरैया, गौतमबुद्ध नगर तथा शाहजहांपुर सहित कई शहरों में पीएनजी कनेक्शन देने का अभियान तेज गति से चलाया जा रहा है। सरकार का दावा है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा।
सरकार के अनुसार पीएनजी पारंपरिक ईंधनों की तुलना में अधिक स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल है। इसके उपयोग से कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी, साथ ही उपभोक्ताओं को सुरक्षित, किफायती और लगातार गैस आपूर्ति का लाभ मिलेगा। आने वाले समय में नए शहरों, कॉलोनियों और आवासीय क्षेत्रों को भी गैस पाइपलाइन नेटवर्क से जोड़ने की योजना पर तेजी से कार्य किया जा रहा है।


