लखनऊ। प्रदेश की राजनीति में कांग्रेस ने बड़ा संगठनात्मक बदलाव करते हुए राज्य के प्रभारी पद पर बड़ा फैसला लिया है। कांग्रेस आलाकमान ने तत्काल प्रभाव से अविनाश पांडे को उत्तर प्रदेश प्रभारी के पद से हटाकर दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री और हाल ही में कांग्रेस में शामिल हुए राजेंद्र पाल गौतम को नई जिम्मेदारी सौंप दी है। इस फैसले के बाद प्रदेश कांग्रेस में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है और आगामी विधानसभा चुनावों से पहले इसे पार्टी की नई रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
राजेंद्र पाल गौतम दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार में समाज कल्याण मंत्री रह चुके हैं और लंबे समय तक अरविंद केजरीवाल की टीम के प्रमुख चेहरों में शामिल रहे। कांग्रेस में शामिल होने के बाद उन्हें इतनी अहम जिम्मेदारी मिलना इस बात का संकेत माना जा रहा है कि पार्टी उत्तर प्रदेश में संगठन को नए सिरे से खड़ा करने की तैयारी में है।
राजनीतिक गलियारों में इस नियुक्ति को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। माना जा रहा है कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और नए प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम के बीच बेहतर तालमेल बनाना पार्टी नेतृत्व के लिए बड़ी चुनौती होगी। दोनों नेताओं के बीच रणनीतिक मतभेदों की चर्चाएं पहले भी सामने आती रही हैं। ऐसे में संगठन विस्तार और चुनावी तैयारियों के बीच यह नियुक्ति कांग्रेस के लिए अवसर भी है और परीक्षा भी।
हाल ही में बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती से मुलाकात को लेकर भी राजेंद्र पाल गौतम सुर्खियों में रहे थे। अब उत्तर प्रदेश का प्रभार मिलने के बाद उनकी भूमिका पर सभी की निगाहें टिकी हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस ने सामाजिक समीकरणों को साधने और संगठन में नई ऊर्जा लाने के उद्देश्य से यह बड़ा दांव खेला है।


