42 C
Lucknow
Friday, June 26, 2026

“सांसद निधि या वक्फ बोर्ड का खजाना?” पूर्व मुख्यमंत्री के वायरल पत्र पर सियासत गरम

Must read

– सांसद निधि के उपयोग को लेकर उठे सवाल
– कब्रिस्तान, मस्जिदों मे लाइटें होंगी आवाद
– वर्ग विशेष पर सांसद महरवान

लखनऊ/कन्नौज। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं कन्नौज से सांसद अखिलेश यादव की सांसद निधि से संबंधित एक कथित पत्र सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस पत्र को लेकर राजनीतिक गलियारों में बहस छिड़ गई है। सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट के साथ सवाल उठाया जा रहा है कि “सांसद निधि है या वक्फ बोर्ड का खजाना?”

वायरल दस्तावेज में सांसद निधि से जनपद कन्नौज की ग्राम पंचायत कुसुमखोर, विकास खंड गुगरापुर में हाईमास्ट लाइटें लगाने के लिए जिलाधिकारी को पत्र भेजे जाने का उल्लेख दिखाई दे रहा है। सूची में जिन स्थानों पर हाईमास्ट लाइट लगाने का प्रस्ताव दर्ज है, उनमें कुछ धार्मिक स्थलों, कब्रिस्तान के पास, मस्जिदों के आसपास तथा कुछ व्यक्तियों के मकानों के सामने लाइट लगाने का उल्लेख होने का दावा किया जा रहा है।

इसी सूची को आधार बनाकर सोशल मीडिया पर राजनीतिक टिप्पणियां की जा रही हैं। विपक्षी दलों और कई सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं का आरोप है कि सांसद निधि का उपयोग किसी विशेष वर्ग या समुदाय को ध्यान में रखकर किया गया है। वहीं दूसरी ओर समर्थकों का तर्क है कि सांसद निधि का उपयोग स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की संस्तुति के आधार पर सार्वजनिक सुविधाओं के लिए किया जाता है तथा किसी स्थान का धार्मिक महत्व होने मात्र से विकास कार्य पर सवाल नहीं उठाया जाना चाहिए।

सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना के तहत सांसदों को अपने संसदीय क्षेत्र में जनहित के विकास कार्यों की अनुशंसा करने का अधिकार होता है। अंतिम स्वीकृति और कार्यान्वयन जिला प्रशासन की निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किया जाता है।

हालांकि, वायरल हो रहे इस दस्तावेज की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। साथ ही, इस मामले में सांसद अखिलेश यादव, उनके कार्यालय अथवा जिला प्रशासन की ओर से इस वायरल पत्र और उस पर उठ रहे सवालों को लेकर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।उन्हें बात करने का प्रयास हुआ तो उनका फोन नहीं उठा।

Must read

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest article