कृषि विभाग द्वारा संचालित खेत बचाओ मिट्टी बचाओ 2026 अभियान के अंतर्गत गोष्ठी का आयोजन किया गया यह किसानों को जागरूक करने हेतु भारत सरकार का विशेष कार्यक्रम है
कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड, उर्वरकों के संतुलित एवं विवेकपूर्ण उपयोग, जैविक एवं प्राकृतिक खेती की पद्धतियों तथा कृषक समुदाय के कल्याण हेतु उपलब्ध विभिन्न सरकारी योजनाओं के महत्व के बारे में जागरूक करना था।
कृषि विभाग द्वारा संचालित खेत बचाओ मिट्टी बचाओ 2026 अभियान के अंतर्गत गोष्ठी का आयोजन किया गया यह किसानों को जागरूक करने हेतु भारत सरकार का विशेष कार्यक्रम है
कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड, उर्वरकों के संतुलित एवं विवेकपूर्ण उपयोग, जैविक एवं प्राकृतिक खेती की पद्धतियों तथा कृषक समुदाय के कल्याण हेतु उपलब्ध विभिन्न सरकारी योजनाओं के महत्व के बारे में जागरूक करना था।अभियान का मुख्य मंत्र “कम खाद, सही खाद, और समझदारी से खाद का उपयोग” है। इसके तहत प्रमुख पहल और लक्ष्य निर्धारित किए गए
डीएपी उर्वरक की भारी खपत वाले 100 चुनिंदा जिलों में 500 से अधिक विशेष टीमें तैनात की गई हैं।
कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने हरी खाद, एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन तथा अन्य सतत कृषि पद्धतियों के माध्यम से मृदा स्वास्थ्य बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया। किसानों को मृदा उर्वरता में सुधार, फसल उत्पादकता बढ़ाने, लागत कम करने के बारे में विशेष प्रशिक्षण दिया गया
कार्यक्रम में कानपुर से आए डॉक्टर प्रसून वर्मा(IIPR), देव ज्योति सेन गुप्ता ने दलहनी फसलों को खरीफ में बढ़ावा देने के बारे में बताया
डॉ जगदीश मिश्रा (केवीके)ने धान की कम पानी चाहने वाली वैरायटी एवं कंपोस्ट खाद की ज्यादा उपयोग और रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता को कम करने के लिए जागरूक किया संजीव राजपूत (ADO Ag,कमालगंज ) ने 0 राजकीय बीज भंडार पर उपलब्ध बीज एवं कृषि विकास विभाग की संचालित योजनाओं के बारे में जानकारी दी।
प्रभारी कृषि रक्षा इकाई शैलेंद्र कुमार ने कृषि रक्षा कार्यक्रम में जैविक कीटनशियों जैसे सोलर लाइट ट्रैप येलो लाइट ट्रैप आदि के बारे में बताएं
कमालगंज ब्लॉक में दो ग्राम सभा में यह कार्यक्रम संचालित किया गया, भड़ौसा-इसके संयोजक हिमांशु और गदनपुर आमिल जिसके संयोजक अवधेश कुमार रहे।


