बरेली। प्रतिबंध के बावजूद बाजारों में खुलेआम बिक रहे चाइनीज मांझे ने एक बार फिर बड़ा हादसा कर दिया। इस बार इसकी चपेट में उत्तर प्रदेश सरकार के गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग मंत्री के भतीजे आ गए। सहमतगंज पुल के पास हुए हादसे में उनका गला गंभीर रूप से कट गया, जिसके बाद उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया।
जानकारी के अनुसार मंत्री के भतीजे इलेक्ट्रिक स्कूटी से स्टेडियम की ओर जा रहे थे। इसी दौरान सहमतगंज पुल के पास सड़क पर फैले चाइनीज मांझे की चपेट में आ गए। तेज धार वाले मांझे ने उनके गले को बुरी तरह जख्मी कर दिया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया।
हादसे की सूचना मिलते ही गन्ना मंत्री संजय गंगवार और उनके परिजन अस्पताल पहुंच गए। चिकित्सकों ने घायल का तत्काल उपचार शुरू किया। डॉक्टरों के मुताबिक समय रहते अस्पताल पहुंच जाने के कारण बड़ा खतरा टल गया और फिलहाल उनकी हालत नियंत्रण में है। हालांकि चिकित्सकीय निगरानी में उनका उपचार जारी है।
यह घटना एक बार फिर प्रशासनिक दावों पर सवाल खड़े कर रही है। प्रदेश में चाइनीज मांझे की बिक्री और उपयोग पर प्रतिबंध है, इसके बावजूद शहरों और कस्बों में इसकी खुलेआम बिक्री जारी है। हर वर्ष चाइनीज मांझे की वजह से राहगीर, बाइक सवार और पक्षी हादसों का शिकार होते हैं, लेकिन इसके खिलाफ अभियान अक्सर कागजों तक ही सीमित दिखाई देते हैं।
विडंबना यह है कि आम नागरिकों की तरह अब जनप्रतिनिधियों के परिवार भी इस खतरनाक मांझे की चपेट में आने लगे हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब प्रतिबंधित मांझा बाजार में उपलब्ध ही नहीं होना चाहिए, तो आखिर यह लोगों की जान के लिए खतरा कैसे बना हुआ है।
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से चाइनीज मांझे की बिक्री करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि जब तक अवैध रूप से मांझा बेचने वाले कारोबारियों पर कठोर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक ऐसे हादसे रुकने वाले नहीं हैं।


