लखनऊ। पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने विधान भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष में विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर प्रदेश में गौसंवर्धन, दुग्ध उत्पादन और पशु कल्याण से जुड़े कार्यक्रमों को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश को दुग्ध उत्पादन और पशुपालन के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए जमीनी स्तर पर गंभीर प्रयास किए जाने की आवश्यकता है।
मंत्री धर्मपाल सिंह ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि 1 जून से 7 जून तक प्रदेश की सभी गौशालाओं में विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाए। इस दौरान स्वच्छता, गोवंश संरक्षण, पशु स्वास्थ्य और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने वाले कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। उन्होंने कहा कि उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिला दुग्ध उत्पादकों को सम्मानित कर महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता को नई दिशा दी जाए।
बैठक में उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार निराश्रित गोवंशों के संरक्षण के लिए लगातार प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के तहत गोवंशों को अपनाने वाले किसानों और पशुपालकों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस योजना का लाभ अधिक से अधिक पात्र लोगों तक पहुंचाया जाए।
धर्मपाल सिंह ने कहा कि गौशालाओं में भूसा, हरा चारा, साइलेज और स्वच्छ पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही गौशालाओं के आसपास वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा दिया जाए। उन्होंने पशुओं में संचारी रोगों की रोकथाम के लिए टीकाकरण अभियान को तेज करने और माइक्रोप्लान के माध्यम से प्रत्येक क्षेत्र में प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
दुग्ध उत्पादकों की समस्याओं पर विशेष चिंता व्यक्त करते हुए मंत्री ने कहा कि किसानों को उनके दूध का मूल्य समय पर मिलना चाहिए। किसी भी स्तर पर भुगतान में देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में दुग्ध समितियों के गठन को बढ़ावा देने और अधिकाधिक पशुपालकों को सहकारी व्यवस्था से जोड़ने के निर्देश भी दिए।
बैठक में प्रदेश में चल रहे भूसा संग्रहण अभियान की समीक्षा करते हुए मंत्री ने उपलब्धियों पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि लगभग 99.70 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त कर लिया गया है, जो पशुधन संरक्षण की दिशा में बड़ी उपलब्धि है। साथ ही जिन जनपदों में लक्ष्य अधूरा है, वहां विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।


