प्रशांत कटियार
फर्रुखाबाद। जनपद की राजनीति और सोशल मीडिया में इन दिनों तेजी से चर्चा में है,अजय प्रताप सिंह उर्फ कल्लू भइया। राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं हैं कि कल्लू भइया जल्द ही सक्रिय राजनीति में बड़े रोल के साथ दिखाई दे सकते हैं। सूत्रों की मानें तो जिला पंचायत की राजनीति को लेकर उनकी तैयारियां अंतिम चरण में हैं और आने वाले समय में वह नए राजनीतिक अवतार में नजर आ सकते हैं।
अजय प्रताप सिंह का राजनीतिक परिवार से गहरा जुड़ाव रहा है। वह भोजपुर क्षेत्र के वरिष्ठ विधायक नागेंद्र सिंह राठौर के पुत्र हैं। लंबे समय से सामाजिक और संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय रहने वाले कल्लू भइया अब सीधे राजनीतिक मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे हैं, ऐसी चर्चाएं तेजी से फैल रही हैं।
जानकारों का कहना है कि जिला पंचायत अध्यक्ष और जिला पंचायत सदस्य चुनावों को लेकर अभी से कई राजनीतिक परिवार अपनी रणनीति तैयार कर रहे हैं। ऐसे में अजय प्रताप सिंह की सक्रियता को भी उसी नजरिए से देखा जा रहा है। हाल के दिनों में विभिन्न सामाजिक कार्यक्रमों, जनसंपर्क अभियानों और स्थानीय बैठकों में उनकी बढ़ती मौजूदगी ने राजनीतिक चर्चाओं को और हवा दी है।
जिले की राजनीति में जिला पंचायत हमेशा से सत्ता का महत्वपूर्ण केंद्र रही है। यही वजह है कि इस संस्थान पर नियंत्रण को लेकर सभी प्रमुख राजनीतिक दल और प्रभावशाली परिवार गंभीरता से तैयारी करते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि अजय प्रताप सिंह सक्रिय भूमिका में आते हैं तो जिला पंचायत की राजनीति में नए समीकरण बन सकते हैं।
फर्रुखाबाद की राजनीति में नई पीढ़ी के नेताओं की एंट्री का दौर शुरू हो चुका है। ऐसे समय में अजय प्रताप सिंह का नाम सामने आना केवल पारिवारिक राजनीतिक की बात नहीं है, बल्कि यह संकेत भी है कि आने वाले पंचायत और स्थानीय निकाय चुनावों में युवा चेहरे निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।
हालांकि अभी तक अजय प्रताप सिंह या उनके परिवार की ओर से किसी चुनावी दावे की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा जरूर है कि “कल्लू भइया अब केवल पहचान नहीं, बल्कि राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन की तैयारी में हैं।” आने वाले महीनों में उनकी सक्रियता जिले की राजनीति की दिशा और दशा दोनों पर असर डाल सकती है।


