नई दिल्ली
जम्मू-कश्मीर के विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल गुलमर्ग में सोमवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एशिया के सबसे ऊंचे और चर्चित रोपवे प्रोजेक्ट्स में शामिल गुलमर्ग गोंडोला सेवा अचानक तकनीकी खराबी के कारण बीच हवा में रुक गई। रोपवे के कई केबिन सैकड़ों फीट ऊंचाई पर ठहर गए, जिनमें करीब 300 पर्यटक फंस गए। घटना के बाद केबिनों में मौजूद बच्चों और महिलाओं समेत कई लोग घबरा गए और मदद के लिए आवाज लगाने लगे। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत प्रशासन को सूचना दी, जिसके बाद बड़े स्तर पर राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और गुलमर्ग गोंडोला की क्विक रिस्पॉन्स टीम को मौके पर लगाया गया। बचाव दल ने खराब मौसम और तेज हवाओं के बीच बेहद सतर्कता के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। बताया जा रहा है कि पिछले कई दिनों से कश्मीर घाटी में लगातार बारिश और ओलावृष्टि हो रही है, जिसके चलते राहत कार्य में भी मुश्किलें आईं। इसके बावजूद रेस्क्यू टीमों ने विशेष सुरक्षा उपकरणों और सीढ़ियों की मदद से एक-एक केबिन तक पहुंचकर पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकाला।
प्रशासन के अनुसार शुरुआती जांच में तकनीकी खराबी की वजह से रोपवे सेवा प्रभावित होने की बात सामने आई है। एहतियात के तौर पर तुरंत मोटर्स को बंद कर दिया गया ताकि किसी बड़े हादसे से बचा जा सके। तकनीकी विशेषज्ञों का कहना है कि गोंडोला का केबल सिस्टम काफी मजबूत और सुरक्षित है, इसलिए किसी प्रकार की बड़ी क्षति की संभावना नहीं बनी। कई घंटों तक चले अभियान के बाद अधिकांश पर्यटकों को सुरक्षित निकाल लिया गया और उन्हें मेडिकल सहायता भी उपलब्ध कराई गई।
घटना के बाद उमर अब्दुल्ला ने स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखी। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि सरकार पूरे घटनाक्रम की मॉनिटरिंग कर रही है और सभी केबिन सुरक्षित हैं। लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और घबराने से बचने की अपील की गई है। वहीं जम्मू-कश्मीर पुलिस के डीजीपी नलिन प्रभात भी हालात का जायजा लेने के लिए गुलमर्ग रवाना हो गए।
गुलमर्ग गोंडोला देश-विदेश के पर्यटकों के बीच बेहद लोकप्रिय माना जाता है। हर साल हजारों पर्यटक यहां बर्फीले पहाड़ों और प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेने पहुंचते हैं। ऐसे में पर्यटन सीजन के दौरान हुई इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्थाओं और तकनीकी निगरानी को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने मामले की विस्तृत जांच कराने और तकनीकी परीक्षण के बाद ही सेवा दोबारा शुरू करने के संकेत दिए हैं।


