अलीगढ़: उत्तर प्रदेश पुलिस ने अलीगढ़ (Aligarh) में रविवार रात यहां एक मुठभेड़ में महिलाओं को लूटने वाले दो अपराधियों (Two criminals) को ढेर कर दिया है। अपराधियों ने रविवार दोपहर एक महिला से झुमके चुरा लिए थे और पुलिस तब से उन्हें पकड़ने की कोशिश कर रही थी। पुलिस ने देर रात मधौली गांव के पास अपराधियों को घेर लिया। इसके बाद हुई मुठभेड़ में दोनों अपराधी, रजा मोहम्मद और मोमिन, मारे गए।
मारे गए अपराधी रजा मोहम्मद के खिलाफ 40 मामले दर्ज थे। वह सिंभाओली पुलिस थाना क्षेत्र (हापुड़) के राजपुर गांव का निवासी था, जबकि बुलंदशहर निवासी मोमिन के खिलाफ 27 मामले दर्ज थे। मुठभेड़ में दो पुलिसकर्मी भी घायल हो गए। 17 मई की दोपहर भाकरोला गांव की कई महिलाएं, जिनमें सीमा देवी, कुंती देवी, सुनीता, गुड़िया, प्रेमलता, कमलेश, रेखा, पूनम, ललितेश और कमलेश शामिल थीं, खेतों में गई थीं। दो युवक बाइक पर आए और पिस्तौल दिखाकर महिलाओं को धमकाया। इसके बाद बदमाशों ने महिलाओं के कान की बालियां और पायल समेत अन्य गहने जबरदस्ती उतार लिए। जब महिलाओं ने विरोध किया, तो उन्होंने उन्हें जान से मारने की धमकी दी। अपराध करने के बाद दोनों आरोपी मोटरसाइकिल पर सवार होकर फरार हो गए।
एसएसपी नीरज सिंह जादौन ने बताया, “कई दिनों से लगातार घेराबंदी और तलाशी अभियान चलाकर दोनों अपराधियों की खोज की जा रही थी। सभी प्रमुख और छोटी सड़कों पर टीमें सक्रिय थीं। रविवार सुबह खैर थाना क्षेत्र में बाइक पर सवार दो अपराधियों ने पुलिस टीम पर गोलीबारी की और फरार हो गए। इसके बाद पूरे इलाके में गहन चेकिंग शुरू कर दी गई।”
उन्होंने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस ने यूपी-112 का इस्तेमाल करते हुए इलाके की घेराबंदी कर दी। अपराधियों को आत्मसमर्पण करने के लिए कहा गया, लेकिन उन्होंने पुलिस टीम पर गोलीबारी कर दी। एक गोली पुलिस वाहन को लगी। एसओ अतरौली और एसओ हरदुआगंज की बुलेटप्रूफ जैकेट भी क्षतिग्रस्त हो गईं। दो पुलिसकर्मी घायल हो गए। जवाबी गोलीबारी में दोनों अपराधी मारे गए। उनकी पहचान रजा मोहम्मद और मोमिन के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार, रजा मोहम्मद पर महिलाओं से लूटपाट की 27 घटनाओं का आरोप था। उसने अब तक 40-50 महिलाओं को निशाना बनाया था। डंकौर थाना में उसके खिलाफ एक महिला से बलात्कार का मामला भी दर्ज है। रजा मोहम्मद को अप्रैल के आखिरी सप्ताह में जेल से रिहा कर दिया गया। रिहा होते ही उसने फिर से एक गिरोह बना लिया और महिलाओं को निशाना बनाना शुरू कर दिया।


