पीएम मोदी और राष्ट्रपति क्रिस्टोडौलिडेस की अहम बैठक मे व्यापार से रणनीति तक बड़े समझौतों के संकेत
नई दिल्ली
भारत और साइप्रस के बीच रणनीतिक और आर्थिक रिश्तों को नई मजबूती देने की दिशा में शुक्रवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलिडेस के बीच अहम बैठक हुई। दोनों नेताओं ने व्यापार, निवेश, कनेक्टिविटी, रक्षा सहयोग, समुद्री सुरक्षा और वैश्विक मुद्दों समेत कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की।
साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलिडेस गुरुवार को भारत पहुंचे, जहां नई दिल्ली एयरपोर्ट पर उनका भव्य स्वागत किया गया। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा ने उनका स्वागत किया, जबकि विदेश मंत्रालय ने इसे भारत-साइप्रस साझेदारी को नई ऊंचाई देने वाला दौरा बताया। राष्ट्रपति को औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया।
विदेश मंत्रालय के मुताबिक यह दौरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जून 2025 की ऐतिहासिक साइप्रस यात्रा के बाद दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि इस यात्रा के दौरान निवेश, समुद्री व्यापार, डिजिटल कनेक्टिविटी और यूरोप के साथ भारत के आर्थिक गलियारे को लेकर कई अहम सहमतियां बन सकती हैं।
राष्ट्रपति क्रिस्टोडौलिडेस राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी मुलाकात करेंगे। राष्ट्रपति भवन में उनके सम्मान में आधिकारिक भोज का आयोजन किया जाएगा। वहीं विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने भी साइप्रस राष्ट्रपति से मुलाकात कर द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा की।
इस हाईप्रोफाइल दौरे के दौरान साइप्रस के राष्ट्रपति मुंबई भी पहुंचे, जहां उन्होंने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का दौरा किया और एनएसई की घंटी बजाई। उनके साथ साइप्रस के विदेश मंत्री कॉन्स्टेंटिनोस कॉम्बोस, परिवहन मंत्री एलेक्सिस वाफेयाडेस, वरिष्ठ अधिकारी और कारोबारी प्रतिनिधिमंडल भी मौजूद रहा। मुंबई दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच निवेश और कारोबारी साझेदारी बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।
विशेषज्ञों के मुताबिक भारत और साइप्रस के बीच बढ़ता सहयोग हिंद महासागर से लेकर यूरोपीय क्षेत्र तक रणनीतिक संतुलन को मजबूत कर सकता है। ऐसे समय में जब वैश्विक राजनीति और व्यापारिक गठबंधनों में तेजी से बदलाव हो रहे हैं, यह दौरा भारत की यूरोप कूटनीति के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।


