– कार्रवाई के भय से समय से पहले बंद हुआ एसकेएम इंटर कॉलेज
– सरगना अवधेश मिश्रा पर खाकी के खौफ का साया
फर्रुखाबाद। फर्जी गैंगरेप, छेड़खानी और महिला उत्पीड़न के मुकदमे दर्ज कराकर आम लोगों से कथित तौर पर धनउगाही करने वाले चर्चित गैंग पर पुलिस कार्रवाई तेज होते ही पूरे नेटवर्क में भगदड़ मच गई है। गैंग की कथित सक्रिय सदस्य मीनू शर्मा के जेल भेजे जाने के बाद अब गिरोह के कथित सरगना अधिवक्ता अवधेश मिश्रा पर भी शिकंजा कसता नजर आ रहा है। इसी बीच सबसे बड़ी चर्चा चांदपुर नवाबगंज स्थित एसकेएम इंटर कॉलेज को लेकर है, जहां कार्रवाई के भय से निर्धारित समय से पहले ही समर वेकेशन घोषित कर दी गई।
स्थानीय लोगों के बीच यह चर्चा तेजी से फैल रही है कि जैसे-जैसे पुलिस जांच और कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे गैंग से जुड़े लोग सार्वजनिक गतिविधियों से दूरी बनाने लगे हैं। बताया जा रहा है कि अवधेश मिश्रा से जुड़े शैक्षणिक संस्थान एसकेएम इंटर कॉलेज में अचानक छुट्टियां घोषित कर दी गईं, जिससे इलाके में तरह-तरह की चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है।
सूत्रों के अनुसार, पुलिस और जांच एजेंसियों की सक्रियता के बाद कॉलेज प्रबंधन में बेचैनी बढ़ी हुई थी। लोगों का कहना है कि कार्रवाई के डर और संभावित पूछताछ से बचने के लिए यह फैसला जल्दबाजी में लिया गया। हालांकि आधिकारिक स्तर पर इसे सामान्य अवकाश बताया जा रहा है, लेकिन क्षेत्र में इसे सीधे मामले से जोड़कर देखा जा रहा है।
गौरतलब है कि इस पूरे प्रकरण में कथित “विषकन्या गैंग” का नाम सामने आने के बाद जिले में सनसनी फैल गई थी। आरोप हैं कि गैंग सुनियोजित तरीके से लोगों को झूठे गैंगरेप, छेड़छाड़ और महिला उत्पीड़न के मामलों में फंसाकर समझौते के नाम पर मोटी रकम वसूलता था। कई पीड़ितों द्वारा पुलिस और प्रशासन से शिकायत किए जाने के बाद जांच तेज हुई थी।
मामले में जेल भेजी जा चुकी मीनू शर्मा को जांच एजेंसियां अहम कड़ी मान रही हैं। वहीं कथित सरगना अवधेश मिश्रा ने अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए ईलाहाबाद हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। बताया जा रहा है कि उन्होंने हाईकोर्ट में गलत तथ्यों के आधार पर गिरफ्तारी पर स्थगन आदेश हासिल किया। अब इस मामले की अगली सुनवाई 20 मई को प्रस्तावित है, जिस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
सूत्रों का यह भी दावा है कि जांच एजेंसियां अब गैंग के आर्थिक नेटवर्क, पुराने मुकदमों और कथित वसूली के मामलों की फाइलें भी खंगाल रही हैं। अगर जांच की रफ्तार इसी तरह जारी रही तो आने वाले दिनों में कई और बड़े नामों के सामने आने की संभावना जताई जा रही है।
फिलहाल जिले में सबसे बड़ा सवाल यही है अगर सब कुछ सामान्य था, तो फिर एसकेएम इंटर कॉलेज में समय से पहले समर वेकेशन घोषित करने की जरूरत आखिर क्यों पड़ गई?


