– पहले सम्पूर्ण समाधान दिवस पर लापरवाह ग्राम सचिव और लेखपाल सस्पेंड से तहलका
– बाढ़ग्रस्त गंगापार पर अभी से सक्रिय किये जिम्मेदार
फर्रुखाबाद |
जनता की शिकायतों को लेकर अक्सर सुस्त रहने वाला सिस्टम रविवार को अमृतपुर तहसील में उस वक्त हिल गया, जब जिलाधिकारी डॉ . अंकुर लाठर ने अपने पहले ही सम्पूर्ण समाधान दिवस में सख्त तेवर दिखाते हुए मौके पर ही दो अधिकारियों को निलंबित कर दिया।
जनपद की कमान संभालने के बाद पहली बार समाधान दिवस में पहुंची डीएम ने साफ संदेश दे दिया“जनता के साथ लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं होगी, समस्या का समाधान मौके पर ही होगा।” और बाढ़ग्रस्त गंगा पार की समस्याओं के लिए उन्होंने संबंधित विभाग अध्यक्षों को अभी से अलर्ट रहने के निर्देश दिए।
सम्पूर्ण समाधान दिवस मे जैसे ही शिकायतों की सुनवाई शुरू हुई, कई मामलों में लापरवाही सामने आई। जांच के दौरान पाया गया कि एक ग्राम विकास अधिकारी और एक लेखपाल ने शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया और कार्रवाई में ढिलाई बरती। डीएम ने बिना देर किए दोनों को मौके पर ही सस्पेंड कर दिया, जिससे पूरे तहसील प्रशासन में हड़कंप मच गया।
डीएम का रुख साफ था “कुर्सी पर बैठकर काम नहीं चलेगा, जमीन पर उतरना होगा” “जनता परेशान हुई तो सीधे कार्रवाई होगी”
अमृतपुर क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित होने को लेकर भी डीएम ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिया कि बाढ़ प्रबंधन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और पहले से तैयारी सुनिश्चित की जाए। जल निकासी, राहत सामग्री, चिकित्सा सुविधा और सुरक्षित ठिकानों की व्यवस्था को लेकर चिन्हाकन को विशेष निर्देश दिए गए, साथ ही
लापरवाही पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई
स्थानीय लोगों का कहना है कि पहली बार किसी समाधान दिवस में तुरंत कार्रवाई और जवाबदेही दिखी, जिससे जनता में उम्मीद जगी है।
फिलहाल, डीएम के इस तीखे एक्शन ने यह साफ कर दिया है कि फर्रुखाबाद में अब लापरवाही पर सीधे कार्रवाई होगी और सिस्टम को जवाब देना ही होगा।


