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Sunday, May 3, 2026

तूफान का कहर: कमालगंज में तबाही, सड़क-रेल ट्रैक ठप, तीन लोग मलबे में दबे

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– हालत गंभीर
फर्रुखाबाद |
रविवार सुबह कमालगंज थाना क्षेत्र में आए तेज तूफान ने भारी तबाही मचा दी। चंद मिनटों की आंधी ने पूरे इलाके की रफ्तार थाम दी—पेड़ जड़ से उखड़ गए, सड़क और रेलवे ट्रैक बाधित हो गए और रजीपुर गांव में एक दर्दनाक हादसे ने प्रशासन की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए।
तूफान इतना तेज था कि कानपुर–फतेहगढ़ मुख्य मार्ग पर करीब आधा दर्जन बड़े पेड़ गिर पड़े, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया। सुबह के वक्त स्कूल, दफ्तर और मंडियों की ओर जा रहे लोग घंटों जाम में फंसे रहे। स्थानीय लोगों के मुताबिक, “करीब 4 घंटे तक प्रशासन का कोई ठोस इंतजाम नजर नहीं आया, लोग खुद ही रास्ता साफ करने में जुटे रहे।”
मामला यहीं नहीं रुका—कानपुर–फर्रुखाबाद रेलवे ट्रैक पर भी पेड़ गिरने से रेल संचालन बाधित हो गया। रेलवे विभाग की टीम को मौके पर पहुंचकर कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। खुदागंज चौकी इंचार्ज की मौजूदगी में ट्रैक को क्लियर कराया गया, जिसके बाद धीरे-धीरे ट्रेनों का संचालन बहाल हो सका।
सबसे सनसनीखेज और दर्दनाक घटना कमालगंज के रजीपुर गांव में सामने आई, जहां तेज आंधी के चलते एक कच्ची दीवार भरभराकर गिर गई। इस हादसे में तीन लोग मलबे में दब गए, जिन्हें गंभीर हालत में बाहर निकालकर तुरंत अस्पताल भेजा गया। प्राथमिक उपचार के बाद हालत नाजुक होने पर सभी को डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल, फर्रुखाबाद रेफर कर दिया गया।
ग्रामीणों का आरोप है कि दीवार जर्जर थी और कई बार शिकायत के बावजूद प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की, जिससे यह हादसा हुआ। सवाल यह उठ रहा है कि अगर पहले ही खतरे को गंभीरता से लिया जाता, तो क्या तीन जिंदगियां इस तरह मौत से जूझ रही होतीं?
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस समय प्रदेश में तेज आंधी-तूफान की घटनाएं बढ़ रही हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर आपदा प्रबंधन की तैयारियां नाकाफी दिख रही हैं। कमालगंज की यह घटना प्रशासनिक लापरवाही और सिस्टम की धीमी प्रतिक्रिया की पोल खोलती नजर आ रही है।

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