28 अप्रैल से मिल सकती है राहत
लखनऊ
प्रदेश इन दिनों भीषण गर्मी की चपेट में है, जहां तापमान लगातार नए रिकॉर्ड बना रहा है। हालात ऐसे हैं कि कई जिले देश के सबसे गर्म इलाकों में शामिल हो गए हैं। शनिवार को बांदा 47.4 डिग्री सेल्सियस के साथ देश का सबसे गर्म जिला दर्ज किया गया, जो अप्रैल महीने के अब तक के उच्चतम स्तर के बराबर है। इसके अलावा प्रयागराज और वाराणसी भी 45 डिग्री के आसपास तापमान के साथ शीर्ष गर्म जिलों में रहे।
तेज धूप और लू के थपेड़ों ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। प्रदेश के अधिकांश जिलों में तापमान 42 डिग्री के पार पहुंच चुका है और शुष्क पछुआ हवाएं हालात को और गंभीर बना रही हैं। दिन के समय सड़कों पर आवाजाही कम हो गई है और लोग जरूरी कामों के लिए ही घरों से बाहर निकल रहे हैं।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिन तक गर्मी से राहत मिलने के आसार नहीं हैं। कई जिलों में उष्ण लहर (हीटवेव) की स्थिति बनी रहेगी, जबकि कुछ स्थानों पर “उष्ण रात्रि” यानी रात में भी तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। राजधानी लखनऊ में भी तापमान 42.9 डिग्री तक पहुंच गया है, जो सामान्य से काफी अधिक है।
हालांकि, 27-28 अप्रैल से मौसम में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश की शुरुआत हो सकती है, जो धीरे-धीरे पूर्वी हिस्सों तक पहुंचेगी। इसके चलते तापमान में 3 से 5 डिग्री तक गिरावट आने की संभावना है, जिससे लोगों को राहत मिल सकती है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मई की शुरुआत तक यह बदलाव जारी रह सकता है। बारिश और बादलों की आवाजाही के कारण लू की तीव्रता में कमी आएगी। हालांकि, तब तक लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है, खासकर दोपहर के समय धूप में निकलने से बचने की सलाह दी गई है।
प्रदेश के प्रमुख गर्म जिलों में बांदा, प्रयागराज, वाराणसी, झांसी, आगरा, हमीरपुर और कानपुर शामिल हैं, जहां तापमान 44 से 47 डिग्री के बीच दर्ज किया गया। फिलहाल, भीषण गर्मी का दौर जारी है, लेकिन आने वाले दिनों में मौसम के करवट लेने से कुछ राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।


