कौशांबी में शनिवार दोपहर स्मार्ट मीटर लगाए जाने के विरोध में कांग्रेस पार्टी ने जोरदार प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन जिला मुख्यालय मंझनपुर में कांग्रेस कार्यालय से शुरू होकर कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च के रूप में निकाला गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन अपर जिलाधिकारी को सौंपा।
यह प्रदर्शन कांग्रेस जिलाध्यक्ष गौरव पाण्डेय के नेतृत्व में आयोजित किया गया। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा लगाए जा रहे स्मार्ट मीटर आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ा रहे हैं और इसे लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में भारी असंतोष है। कांग्रेस नेताओं ने इसे “लूट” करार देते हुए सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए।
गौरव पाण्डेय ने आरोप लगाया कि योगी और मोदी सरकार ने गांवों में गरीबों के घरों में जबरन स्मार्ट मीटर लगवाए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जिन उपभोक्ताओं का थोड़ा भी बिजली बिल बकाया होता है, उनकी बिजली तुरंत काट दी जाती है, और कई मामलों में बिल जमा करने के बाद भी आपूर्ति बहाल नहीं की जाती। उन्होंने इसे जनता के साथ अन्याय बताया।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर लगाने का काम एक ऐसी कंपनी से जुड़ा है, जिसे लेकर विवादित दावे किए जा रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों पर सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मांग की कि स्मार्ट मीटर प्रणाली की जांच कराई जाए और गरीब उपभोक्ताओं को राहत दी जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।


