– बार एसोसिएशन ने एसपी को लिखा पत्र
फर्रुखाबाद/फतेहगढ़। जनपद की न्यायिक व्यवस्था के केंद्र फतेहगढ़ कचहरी में एक चौंकाने वाली बात सामने आई है, जिसने अधिवक्ता समाज की साख पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि माफिया तंत्र से जुड़े कुछ अराजक तत्व वकीलों का काला कोट पहनकर खुलेआम कचहरी परिसर में घूम रहे हैं और खुद को अधिवक्ता बताकर गतिविधियां संचालित कर रहे हैं।
इस पूरे मामले को लेकर फतेहगढ़ बार एसोसिएशन के महासचिव कुंवर सिंह यादव ने पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर सख्त कार्रवाई की मांग की है। पत्र में साफ कहा गया है कि ऐसे फर्जी लोगों की मौजूदगी से न सिर्फ अधिवक्ता समाज की छवि धूमिल हो रही है, बल्कि आम जनता के साथ ठगी और अवैध वसूली जैसी घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है।
बार एसोसिएशन का आरोप है कि ये संदिग्ध लोग कचहरी परिसर में सक्रिय होकर मुकदमों में पैरवी का झांसा देते हैं, फीस के नाम पर पैसा वसूलते हैं और फिर गायब हो जाते हैं। इससे जहां एक ओर पीड़ितों को आर्थिक नुकसान होता है, वहीं असली अधिवक्ताओं की विश्वसनीयता पर भी असर पड़ रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, हाल के दिनों में कचहरी परिसर में ऐसे संदिग्ध चेहरों की संख्या बढ़ी है, जिनका किसी भी मान्यता प्राप्त बार काउंसिल या स्थानीय बार एसोसिएशन से कोई संबंध नहीं है। इसके बावजूद वे वकीलों की तरह पेश आकर लोगों को गुमराह कर रहे हैं।
महासचिव ने अपने पत्र में यह भी मांग की है कि कचहरी परिसर में पहचान सत्यापन की सख्त व्यवस्था लागू की जाए, प्रवेश द्वारों पर चेकिंग बढ़ाई जाए और केवल अधिकृत अधिवक्ताओं को ही काला कोट पहनकर प्रवेश की अनुमति दी जाए। साथ ही, ऐसे फर्जी तत्वों के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाए।
कानूनी जानकारों का कहना है कि यदि समय रहते इस पर लगाम नहीं लगी, तो यह संगठित अपराध का रूप ले सकता है,जहां कचहरी जैसे संवेदनशील स्थान का इस्तेमाल ठगी और दबाव बनाने के लिए किया जाएगा।
अब नजर पुलिस अधीक्षक के अगले कदम पर टिकी है। क्या इस गंभीर शिकायत पर त्वरित कार्रवाई होगी या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा?
फतेहगढ़ कचहरी में ‘फर्जी वकीलों’ का खेल! काला कोट पहनकर घूम रहे कुछ संदिग्ध तत्व


