कासगंज
जनपद में भीषण गर्मी ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है और दोपहर के समय चल रही तेज लू ने हालात और भी गंभीर बना दिए हैं। ऐसे में सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को झेलनी पड़ रही है, जो दोपहर में स्कूल से घर लौटते समय तेज धूप और गर्म हवाओं की चपेट में आ रहे हैं। गर्मी के इस प्रकोप से बच्चों के बीमार पड़ने का खतरा भी लगातार बढ़ता जा रहा है।
इसी गंभीर स्थिति को देखते हुए राज्य महिला आयोग की सदस्य रेनू गौड़ ने बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए विद्यालयों के समय में बदलाव की मांग उठाई है। उन्होंने बेसिक शिक्षा एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के निदेशकों को पत्र भेजकर सुझाव दिया है कि कक्षा 1 से 12 तक के सभी स्कूलों का समय सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक निर्धारित किया जाए, ताकि छात्र-छात्राएं भीषण गर्मी और लू के प्रभाव से सुरक्षित रह सकें और अनुकूल वातावरण में पढ़ाई कर सकें।
रेनू गौड़ ने अपने पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि मौजूदा तापमान का असर केवल बच्चों पर ही नहीं, बल्कि पूरे जनजीवन पर पड़ रहा है। ऐसे में समय रहते उचित कदम उठाना बेहद जरूरी है, ताकि किसी भी तरह की स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थिति से बचा जा सके।
वहीं दूसरी ओर, बिजली विभाग की ओर से भी एक अहम सूचना जारी की गई है। दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के उपखंड अधिकारी देवेंद्र कुमार सिंह के अनुसार, विद्युत लाइन शिफ्टिंग कार्य के चलते मंगलवार को 33/11 केवी उपकेंद्र बिलराम, नगला पीपल, नगला पट्टी और प्रभुपार्क से जुड़े क्षेत्रों में सुबह 10:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। विभाग ने उपभोक्ताओं से सहयोग और संयम बनाए रखने की अपील की है।
कुल मिलाकर, कासगंज में भीषण गर्मी और लू के चलते हालात चिंताजनक होते जा रहे हैं, और प्रशासनिक स्तर पर जरूरी कदम उठाने की मांग अब तेज होती नजर आ रही है।


