100 करोड़ के आरोपी नगर स्वास्थ्य अधिकारी प्रमुख सचिव के पीछे पीछे घूमते रहे
यह कैसी जीरो टॉलरेंस की नीति आरोप पत्र जारी होने के बाद भी खुलेआम घूम रहे आरोपी,,
शाहजहांपुर। स्वास्थ्य विभाग में कथित करीब 100 करोड़ रुपये के घोटाले का मामला एक बार फिर चर्चा में है। पूर्व मुख्य चिकित्साधिकारी आर.के. गौतम के कार्यकाल में हुए इस घोटाले की प्राथमिक जांच में कई अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका सामने आने के बाद उनके खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किए जा चुके हैं, लेकिन कार्रवाई की रफ्तार बेहद धीमी होने से सवाल खड़े हो रहे हैं। शासन स्तर से जनपद में दौरे पर आए आए प्रमुख सचिव के निरीक्षण में 100 करोड़ के घोटालेबाज डाक्टर मनोज मिश्रा प्रमुख सचिव के पीछे पीछे घूमते रहे। सूत्रों के अनुसार सीएमओ कार्यालय में तैनात रहे करीब 12 कर्मचारियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किए गए हैं। इनमें एकाउंटेंट चंद्र प्रकाश, डॉ. अंसार, डॉ. आसिफ अली, स्टोर इंचार्ज गोविंद स्वर्णकार, प्रशासनिक अधिकारी राम किशोर गौतम, एकाउंटेंट संजय बाबू और चीफ फार्मासिस्ट पवन गुप्ता सहित अन्य के नाम शामिल बताए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि मामले में नाम आने के बावजूद अब तक किसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई है। इस बीच पूर्व सीएमओ आर.के. गौतम और डॉ. अंसार सेवानिवृत्त हो चुके हैं, जबकि डॉ. आसिफ अली और डॉ. मनोज मिश्रा अभी भी जनपद में तैनात हैं। वहीं स्टोर इंचार्ज गोविंद स्वर्णकार ने अपना तबादला बरेली करा लिया, जबकि चीफ फार्मासिस्ट पवन गुप्ता को पुवायां अटैच कर दिया गया है। मामले को लेकर चर्चा है कि यदि आरोपियों के खिलाफ समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो वे विभाग में रहते हुए जांच को प्रभावित भी कर सकते हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर करोड़ों के इस घोटाले के जिम्मेदारों पर शिकंजा कब कसेगा। स्थानीय लोगों और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष और तेज जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि सरकारी धन के दुरुपयोग पर रोक लग सके।


