फर्रुखाबाद। जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में फार्मर रजिस्ट्री को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें जनपद में चल रही गेहूं खरीद व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी एवं सुचारु बनाने पर विशेष जोर दिया गया। बैठक में अपर जिलाधिकारी (वि०/रा०) अरुण कुमार सिंह, उप कृषि निदेशक अरविन्द मोहन मिश्र, सहायक निबंधक सहकारी समितियां अजय पालीवाल, वरिष्ठ विपणन अधिकारी रोली सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान उप कृषि निदेशक ने जानकारी दी कि शासन के निर्देशानुसार जनपद में गेहूं की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर विभिन्न क्रय केंद्रों के माध्यम से की जा रही है, लेकिन अब केवल उन्हीं किसानों से गेहूं खरीदा जाएगा जिनकी फार्मर रजिस्ट्री पूर्ण हो चुकी है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि समितियों से जुड़े प्रत्येक किसान की शत-प्रतिशत फार्मर रजिस्ट्री सुनिश्चित कराई जाए, ताकि किसी भी किसान को भविष्य में असुविधा का सामना न करना पड़े।
बैठक में मौजूद कर्मचारियों को फार्मर रजिस्ट्री बनाने का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया। इस दौरान सभी के मोबाइल फोन में फार्मर सहायक एप इंस्टॉल कराया गया और मौके पर ही रजिस्ट्री बनाकर पूरी प्रक्रिया का प्रदर्शन किया गया। अधिकारियों ने बताया कि किसान स्वयं, जनसेवा केंद्र के माध्यम से अथवा मोबाइल एप की सहायता से भी आसानी से अपनी फार्मर रजिस्ट्री कर सकते हैं। इसके लिए आधार से लिंक मोबाइल नंबर, आधार कार्ड एवं खतौनी जैसे आवश्यक दस्तावेज अनिवार्य हैं।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि यदि किसी गेहूं क्रय केंद्र पर ऐसा किसान पहुंचता है जिसकी फार्मर रजिस्ट्री नहीं बनी है, तो वहां तैनात कर्मचारी तत्काल उसकी रजिस्ट्री कराएं और उसके बाद ही गेहूं की खरीद सुनिश्चित करें। उन्होंने सभी अधिकारियों को इस प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर लागू करने और किसानों को जागरूक करने के निर्देश भी दिए, ताकि कोई भी पात्र किसान सरकारी खरीद प्रणाली से वंचित न रह सके।


