उत्तर प्रदेश में मौसम ने करवट ले ली है और अब भीषण गर्मी का दौर शुरू होने के संकेत साफ दिखाई दे रहे हैं। पछुआ हवाओं की रफ्तार धीमी पड़ते ही तापमान तेजी से बढ़ने लगा है। मौसम विभाग के मुताबिक मंगलवार के बाद एक सप्ताह के भीतर तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे बैसाख की तपिश लोगों को झुलसाने लगेगी।
राज्य के कई जिलों में गर्मी का असर अभी से दिखने लगा है। प्रयागराज 39.8 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म रहा, जबकि वाराणसी 39.3 डिग्री के साथ दूसरे स्थान पर रहा। वहीं बांदा में रात का तापमान 25.2 डिग्री दर्ज किया गया, जो इस सीजन में सबसे अधिक रहा है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले 10 दिनों तक प्रदेश में मौसम शुष्क बना रहेगा। आसमान साफ रहने और हवाओं के कमजोर पड़ने के कारण दिन और रात दोनों के तापमान में लगातार वृद्धि होगी। यही कारण है कि आने वाले दिनों में कई जिलों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है।
राजधानी लखनऊ में भी गर्मी ने तेजी से अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। पिछले तीन दिनों में तापमान में 6 डिग्री से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। रविवार को अधिकतम तापमान 36.6 डिग्री और न्यूनतम 20 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो बढ़ती गर्मी का संकेत है।
खेतों में गेहूं की कटाई कर रहे किसानों के लिए यह बढ़ती गर्मी बड़ी चुनौती बन रही है। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण काम करना मुश्किल हो रहा है। यदि तापमान इसी तरह बढ़ता रहा, तो फसल कटाई पर भी असर पड़ सकता है।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में लू जैसी परिस्थितियां बन सकती हैं। ऐसे में लोगों को दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और सतर्क रहने की सलाह दी गई है, ताकि गर्मी के इस प्रचंड प्रहार से बचा जा सके।


