एनेस्थीसिया स्पेशलिस्ट नहीं, सिर्फ 12वीं पास है रोहित
कानपुर
शहर में किडनी ट्रांसप्लांट के अवैध रैकेट का बड़ा खुलासा हुआ है, जहां पुलिस ने मुख्य सरगना रोहित को गिरफ्तार कर लिया है। हैरान करने वाली बात यह है कि जो व्यक्ति खुद को एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉक्टर बताकर लोगों का इलाज कर रहा था, वह वास्तव में सिर्फ इंटरमीडिएट पास निकला। उसके पास मेडिकल क्षेत्र की कोई डिग्री या प्रशिक्षण नहीं था, फिर भी वह मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहा था।
पुलिस जांच के अनुसार, रोहित लंबे समय से खुद को डॉक्टर बताकर किडनी ट्रांसप्लांट जैसे गंभीर ऑपरेशन से जुड़े अवैध कामों में शामिल था। वह लोगों को झांसा देकर मोटी रकम वसूलता था और फर्जी तरीके से इलाज की व्यवस्था करता था। इस पूरे नेटवर्क के जरिए कई लोगों की जान खतरे में डाली गई।
पकड़े जाने के बाद पूछताछ में रोहित की असलियत सामने आई, जिससे पुलिस भी चौंक गई। पहले उसे एक प्रशिक्षित एनेस्थीसिया विशेषज्ञ माना जा रहा था, लेकिन सच्चाई सामने आने पर यह साफ हो गया कि वह पूरी तरह फर्जी पहचान के सहारे यह गोरखधंधा चला रहा था। पुलिस ने उस पर 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित कर रखा था।
फिलहाल पुलिस इस मामले में उसके अन्य साथियों और पूरे नेटवर्क की तलाश में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि इस रैकेट से जुड़े हर व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह के अपराधों पर रोक लगाई जा सके।


