लखनऊ
प्रदेश में एंटी टेररिस्ट स्क्वाड की जांच में संदिग्ध आतंकी कनेक्शन सामने आने के बाद आकिब नामक युवक पर सुरक्षा एजेंसियों ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। जांच के दौरान उसकी गतिविधियों और विदेश यात्राओं को लेकर कई अहम जानकारियां सामने आई हैं, जिसके बाद एजेंसियां उसे हिरासत में लेने के प्रयास तेज कर चुकी हैं।
जांच में खुलासा हुआ है कि आकिब पिछले कुछ वर्षों में चार बार सऊदी अरब की यात्रा कर चुका है। उसकी पहली विदेश यात्रा 4 अगस्त 2019 को हुई थी, जिसके बाद वह फरवरी 2022 में भारत लौटा। इसके बाद उसने अप्रैल 2022, जून 2023 और फिर अगस्त 2025 में लगातार विदेश यात्राएं कीं। खास बात यह है कि 1 अगस्त 2025 को चौथी बार सऊदी अरब जाने के बाद वह अब तक वापस नहीं लौटा है, जिससे एजेंसियों का शक और गहरा गया है।
एटीएस ने उसकी पूरी ट्रैवल हिस्ट्री खंगालते हुए उसके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी कर दिया है, ताकि वह देश में प्रवेश करते ही पकड़ में आ सके। इसके साथ ही उसका पासपोर्ट निरस्त करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का मानना है कि उसके वापस आते ही इस पूरे मामले में कई बड़े खुलासे हो सकते हैं, जिससे संभावित आतंकी मॉड्यूल और नेटवर्क का पर्दाफाश होगा।
बताया जा रहा है कि हाल ही में संदिग्धों उवैद और जलाल हैदर की गिरफ्तारी के बाद आकिब की गतिविधियां और संदिग्ध हो गई थीं। गिरफ्तारी के बाद उसने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर खुद को बेगुनाह बताया और कहा कि उसने कोई आतंकी गतिविधि नहीं की है। वीडियो में उसने यह भी कहा कि उसने अपने एक साथी को पुलिस के सामने आत्मसमर्पण करने की सलाह दी थी और वह किसी भी प्रकार का “आतंकवादी” ठप्पा अपने ऊपर नहीं लगने देगा।
सुरक्षा एजेंसियां अब इस पूरे मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी समन्वय स्थापित कर रही हैं, ताकि आकिब को जल्द से जल्द भारत लाया जा सके। अधिकारियों का कहना है कि उसके पकड़े जाने के बाद ही इस पूरे नेटवर्क और संभावित साजिश के बारे में विस्तृत जानकारी सामने आ पाएगी।
फिलहाल एटीएस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां इस मामले की गहन जांच में जुटी हुई हैं और हर पहलू को बारीकी से खंगाला जा रहा है, जिससे प्रदेश में किसी भी प्रकार की आतंकी गतिविधि को समय रहते रोका जा सके।


