संभल
सदर कोतवाली क्षेत्र स्थित सैफ का सराय में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ा एक मामला सामने आया है, जिसमें सरकारी अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे हैं। मामला 67 वर्षीय खुर्शीद से जुड़ा है, जिन्हें कथित रूप से समय पर इलाज न मिलने और एंटी-रेबीज इंजेक्शन के लिए सुविधा शुल्क वसूले जाने का आरोप है।
जानकारी के अनुसार, खुर्शीद शनिवार को अपने खेत में काम कर रहे थे, तभी एक आवारा गीदड़ ने उन पर हमला कर दिया और उन्हें काट लिया। घटना के बाद परिजन उन्हें अगले दिन रविवार को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उन्होंने तुरंत एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगवाने की मांग की।
परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में मौजूद स्वास्थ्य कर्मचारी ने पहले यह कहते हुए इंजेक्शन लगाने से इनकार कर दिया कि गीदड़ के काटने का इंजेक्शन उपलब्ध नहीं है। इस वजह से मरीज और उनके परिजनों को काफी देर तक अस्पताल में परेशान होना पड़ा।
आरोप यह भी है कि बाद में कई बार अनुरोध करने के बाद कर्मचारी ने 50 रुपये लेने के बाद इंजेक्शन लगाया। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी गई और उन्होंने सरकारी अस्पतालों में लापरवाही और मनमानी पर सवाल उठाए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे मामलों में गरीब और जरूरतमंद मरीजों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है, क्योंकि समय पर इलाज न मिलने से उनकी हालत बिगड़ सकती है। लोगों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
हालांकि, संबंधित स्वास्थ्य कर्मचारी ने इन आरोपों से इनकार किया है। इस घटना ने एक बार फिर सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और पारदर्शिता को लेकर बहस छेड़ दी है, खासकर तब जब सरकार मुफ्त और बेहतर इलाज का दावा करती है।


