औरैया
जनपद के बेला थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम पुरवा भदौरिया में रविवार दोपहर करीब 12 बजे अचानक गेहूं के खेतों में लगी भीषण आग ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया। बताया जा रहा है कि अज्ञात कारणों से लगी यह आग कुछ ही मिनटों में विकराल रूप धारण कर गई और तेज हवा के कारण तेजी से फैलते हुए खेतों से निकलकर गांव के किनारे तक पहुंच गई। आग की लपटें और धुएं का गुबार दूर-दूर तक दिखाई देने लगा, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल बन गया।
घटना की सूचना मिलते ही गांव के सैकड़ों लोग मौके पर इकट्ठा हो गए और अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने बिना किसी संसाधन के ही साहस और एकजुटता का परिचय देते हुए आग पर काबू पाने की कोशिश की। कोई बाल्टियों में पानी भरकर लपटों पर डालता नजर आया, तो कुछ लोग पेड़ों की हरी डालियों से आग को पीट-पीटकर बुझाते रहे। कई किसानों ने सूझबूझ का परिचय देते हुए अपने ट्रैक्टरों से खेतों की फसल को जोतकर फायर लाइन बनाई, जिससे आग को आगे फैलने से रोका जा सके।
करीब ढाई घंटे तक चले इस संघर्ष के बाद दोपहर लगभग 2:30 बजे ग्रामीणों की कड़ी मेहनत रंग लाई और आग पर किसी तरह काबू पाया जा सका। हालांकि तब तक काफी क्षेत्र में खड़ी गेहूं की फसल जलकर पूरी तरह राख हो चुकी थी। इस घटना से किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है और उनकी महीनों की मेहनत कुछ ही घंटों में स्वाहा हो गई।
सूचना मिलने पर दमकल विभाग की करीब तीन गाड़ियां भी मौके पर पहुंचीं, लेकिन खेतों तक पक्के रास्ते का अभाव होने के कारण दमकल वाहन घटनास्थल तक नहीं पहुंच सके। इसके चलते आग बुझाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा और समय भी अधिक लग गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारी भी तत्काल मौके पर पहुंचे। उपजिलाधिकारी बिधूना गरिमा सोनकिया, क्षेत्राधिकारी बिधूना पी. पुनीत मिश्रा, मुख्य अग्निशमन अधिकारी तेजवीर सिंह तथा थाना प्रभारी गंगादास गौतम भारी पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रहे और हालात का जायजा लिया। अधिकारियों ने प्रभावित किसानों से बातचीत कर नुकसान का आंकलन कराने और उचित सहायता दिलाने का आश्वासन दिया।
फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है, लेकिन प्रशासन द्वारा इसकी जांच शुरू कर दी गई है। वहीं, इस घटना के बाद क्षेत्र के किसानों में भय और चिंता का माहौल है। पीड़ित किसानों ने शासन-प्रशासन से मुआवजा दिलाए जाने की मांग की है, ताकि उन्हें इस भारी नुकसान से कुछ राहत मिल सके।


